
दिल्ली: सत्य निकेतन में बिल्डिंग हादसे के बाद राजधानी में अनधिकृत निर्माण को लेकर सख्ती के दावों के बीच पूर्वी दिल्ली के पटपड़गंज गांव में एक निर्माण को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि मकान संख्या 196 में लगातार निर्माण कार्य चल रहा है और इमारत को छह मंजिल तक बनाया जा चुका है। लोगों के मुताबिक अब सातवीं मंजिल के निर्माण की भी तैयारी की जा रही है। हालांकि, इस भवन का स्वीकृत नक्शा क्या है और निर्माण निर्धारित नियमों के अनुरूप है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग से होना अभी बाकी है। MCD की वेबसाइट पर भवन योजना और निर्माण से संबंधित अलग-अलग प्रक्रियाओं की जानकारी उपलब्ध है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में निर्माण के लिए निर्धारित सीमा से अधिक मंजिल बनाने की अनुमति नहीं है। उनका आरोप है कि मकान संख्या 196 में इस सीमा का पालन नहीं किया जा रहा है। लोगों के अनुसार इमारत छह मंजिल तक पहुंच चुकी है और आगे सातवीं मंजिल का निर्माण शुरू करने की तैयारी है।
शिकायत के बाद कार्रवाई को लेकर सवाल
स्थानीय लोगों का दावा है कि उन्होंने निर्माण को लेकर संबंधित विभाग में शिकायत की है, लेकिन अब तक भवन पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का यह भी आरोप है कि निर्माण का विरोध करने या शिकायत करने वाले कुछ लोगों के साथ भवन से जुड़े लोगों की ओर से विवाद और मारपीट की स्थिति पैदा की जाती है। इसी वजह से आसपास रहने वाले कई लोग मामले को लेकर खुलकर सामने आने से बच रहे हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, भवन मालिक या निर्माणकर्ता की ओर से भी इस संबंध में कोई पक्ष सामने नहीं आया है। ऐसे में शिकायत मिलने के बाद संबंधित विभाग ने क्या कदम उठाए हैं, यह आधिकारिक रिकॉर्ड सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। स्थानीय लोगों ने इमारत की स्थिति और आसपास की सड़क को लेकर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि निर्माण एक संकरी गली में किया जा रहा है। ऐसे में किसी आपात स्थिति में दमकल की गाड़ी या एंबुलेंस के मौके तक पहुंचने में परेशानी हो सकती है। लोगों ने निर्माण की जांच कराने और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की है।
क्षेत्रीय पार्षद रेल चौधरी ने कहा कि उन्हें इस निर्माण की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि भवन का निर्माण अवैध तरीके से किया जा रहा है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे की स्थिति पैदा न हो। सत्य निकेतन में हुए बिल्डिंग हादसे के बाद दिल्ली में अनधिकृत निर्माण और भवनों की सुरक्षा को लेकर सवाल लगातार उठते रहे हैं। अवैध निर्माण से जुड़े मामलों में कार्रवाई को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में भी सुनवाई चल रही है। हाल में MCD ने हाईकोर्ट को बताया था कि 17 दिनों के भीतर 543 संपत्तियों को ध्वस्त किया गया और 178 संपत्तियों को सील किया गया। ऐसे में पटपड़गंज गांव के मकान संख्या 196 को लेकर स्थानीय लोगों की शिकायत और मौके पर जारी बताए जा रहे निर्माण की जांच महत्वपूर्ण हो जाती है। संबंधित विभाग के स्तर से यह स्पष्ट किया जाना बाकी है कि भवन का स्वीकृत नक्शा क्या है, कितनी मंजिल तक निर्माण की अनुमति है और शिकायत मिलने के बाद अब तक क्या कार्रवाई की गई है।