
गाजियाबाद: कविनगर थाना क्षेत्र के राजनगर आरडीसी में गाड़ी टच होने को लेकर छात्र और वकीलों के बीच विवाद हो गया। मामूली कहासुनी के बाद मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई। आरोप है कि विवाद के दौरान कुछ वकीलों ने छात्रों के साथ मारपीट की। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। बताया जा रहा है कि राजनगर आरडीसी में छात्रों की गाड़ी किसी तरह वकीलों की गाड़ी से टच हो गई थी। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई। शुरुआती बहस के बाद विवाद बढ़ता चला गया और देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई। घटना के दौरान कुछ छात्रों के साथ मारपीट किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि विवाद के दौरान दोनों पक्षों की ओर से किस तरह की कार्रवाई हुई। मामले में दोनों पक्षों की ओर से पुलिस को क्या शिकायत दी गई है, इसकी विस्तृत जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
मारपीट की घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ लोग आपस में विवाद और मारपीट करते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद राजनगर आरडीसी में हुई घटना चर्चा में आ गई है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है। इसके अलावा वीडियो कब का है और उसमें दिखाई दे रहे लोग इसी घटना से जुड़े हैं या नहीं, इसकी भी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है। साथ ही मारपीट में शामिल लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस की जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गाड़ी टच होने के बाद विवाद किस तरह बढ़ा और मारपीट की स्थिति कैसे बनी। पुलिस दोनों पक्षों की शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। राजनगर आरडीसी में विवाद के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। कुछ देर तक वहां अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू की। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही घटना की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। दोनों पक्षों की शिकायत और वायरल वीडियो समेत उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस द्वारा मारपीट में शामिल लोगों की पहचान और घटना के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है।