भूकंप-आग जैसी आपदा से कैसे बचें? DM पब्लिक स्कूल में बच्चों को कराया गया अभ्यास

उत्तर प्रदेश :आपदा की स्थिति में लोगों को सुरक्षित रखने और विद्यार्थियों को आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से बुधवार को गढ़ स्थित DM पब्लिक स्कूल में आपदा प्रबंधन को लेकर मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान स्कूली बच्चों और स्टाफ को भूकंप, आग लगने या अन्य आपात परिस्थितियों में बरती जाने वाली सावधानियों और बचाव के तरीकों की जानकारी दी गई।

मॉकड्रिल में बच्चों को सिखाए गए बचाव के तरीके

अभ्यास के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि भूकंप, आग या किसी अन्य आपदा की स्थिति में सबसे पहले घबराने के बजाय खुद को शांत रखना चाहिए। आपात स्थिति में सुरक्षित स्थान की पहचान करने, स्कूल परिसर से सुरक्षित तरीके से बाहर निकलने और जरूरत पड़ने पर एक-दूसरे की मदद करने के बारे में भी छात्रों को समझाया गया। बच्चों को बताया गया कि आपदा के दौरान घबराहट और अफरातफरी स्थिति को और गंभीर बना सकती है। ऐसे समय में शांत रहकर सुरक्षा प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि आपात स्थिति में कुछ सेकंड के भीतर लिया गया सही निर्णय बड़ी दुर्घटना को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। मॉकड्रिल के माध्यम से छात्रों और स्कूल स्टाफ को सुरक्षित निकासी की प्रक्रिया का अभ्यास कराया गया। उन्हें बताया गया कि किसी भी आपदा के दौरान अफवाहों पर ध्यान देने या अफरातफरी में भागने के बजाय निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया का पालन करना चाहिए। स्कूल परिसर में मौजूद विद्यार्थियों को आपातकालीन स्थिति में शिक्षकों और जिम्मेदार अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की जानकारी भी दी गई। इस दौरान स्कूल के बच्चों ने मॉकड्रिल में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। अभ्यास के जरिए उन्हें आपदा के समय खुद को सुरक्षित रखने के साथ-साथ आसपास मौजूद लोगों की मदद करने के बारे में भी जागरूक किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल आपदा प्रबंधन की जानकारी देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को ऐसी परिस्थितियों के लिए मानसिक रूप से तैयार करना भी रहा।

मॉकड्रिल के दौरान बच्चों को यह संदेश दिया गया कि आपदा के समय डरने के बजाय जागरूकता और सतर्कता के साथ सही कदम उठाना जरूरी है। सुरक्षित स्थान तक पहुंचने, निर्धारित रास्ते से बाहर निकलने और जिम्मेदार लोगों के निर्देशों का पालन करने से जोखिम को कम किया जा सकता है। स्कूल प्रशासन के अनुसार, इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। नियमित रूप से आपदा प्रबंधन का अभ्यास होने से आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी और बचाव की प्रक्रिया को बेहतर ढंग से लागू किया जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को आपदा के दौरान सुरक्षा को प्राथमिकता देने और जरूरत पड़ने पर आसपास के लोगों की मदद करने के लिए प्रेरित किया गया। मॉकड्रिल के जरिए बच्चों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि सही जानकारी, सतर्कता और अनुशासन के साथ आपात परिस्थितियों का सामना किया जा सकता है।

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