जमुई कांड के आरोपी हरेराम यादव को कोर्ट में वकील ने जड़ा थप्पड़, VIDEO आया सामने

बिहार: बिहार के जमुई मामले में आरोपी हरेराम यादव की बुधवार को अदालत में पेशी हुई। पेशी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस उसे कोर्ट परिसर से बाहर ले जा रही थी। इसी दौरान वहां मौजूद अधिवक्ता आकाश पांडे आरोपी के पास पहुंचे और उसके चेहरे पर थप्पड़ मार दिया। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि हरेराम यादव जैसे ही कोर्ट से बाहर निकल रहा था, तभी आकाश पांडे ने अचानक उसे थप्पड़ मार दिया। उस समय आसपास पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। सामने आए वीडियो में कुछ लोग आरोपी के खिलाफ टिप्पणी करते हुए दिखाई दे रहे हैं और उसके कथित कृत्य को शर्मनाक बता रहे हैं।

वकील ने बताया क्यों मारा थप्पड़

घटना के बाद अधिवक्ता आकाश पांडे ने थप्पड़ मारने की वजह बताते हुए कहा कि हरेराम यादव पर लगे आरोपों को लेकर उनके भीतर पहले से आक्रोश था। उन्होंने कहा कि आरोपी ने जिस तरह का कृत्य किया है, उससे पूरा जमुई शर्मिंदा है। पांडे ने यह भी कहा कि अधिवक्ता होने से पहले वह एक इंसान हैं और उनके भीतर मानवीय संवेदनाएं भी हैं। कानून हाथ में लेने के सवाल पर आकाश पांडे ने कहा कि इस मामले में कानून की ओर से जो सजा दी जाएगी, वह उन्हें स्वीकार होगी। उन्होंने कहा कि एक बेटी के साथ ऐसी घटना होने पर वह इसे सहन नहीं कर सकते।

19 सितंबर की घटना के बाद सामने आया था मामला

पुलिस के अनुसार, जमुई में 19 सितंबर की शाम करीब सात बजे एक नाबालिग लड़की अपने दोस्त के साथ फोटो खींचने के लिए इलाके में गई थी। इसी दौरान कुछ युवकों द्वारा दोनों के साथ कथित तौर पर बदसलूकी किए जाने की बात सामने आई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला सामने आया और पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने वायरल वीडियो समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कार्रवाई की। इस मामले में मुख्य आरोपी बताए जा रहे नंदन यादव और हरेराम यादव को पुलिस ने गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, दोनों प्रतापपुर गांव के रहने वाले हैं और ट्रैक्टर चलाने के साथ बालू ढोने का काम करते थे। पुलिस कार्रवाई के दौरान नंदन यादव के पैर में गोली लगने की जानकारी भी सामने आई थी। मामले में पुलिस ने सोशल मीडिया पर नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले वीडियो को प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की है। जमुई एसपी विश्वजीत दयाल के मुताबिक, करीब 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल धारकों के खिलाफ साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नाबालिग पीड़िता से संबंधित वीडियो को डाउनलोड करने, शेयर करने या दोबारा वायरल करने से बचें। मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। साथ ही पुलिस की ओर से अन्य आरोपियों की तलाश जारी होने की बात कही गई है।

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