
उत्तर प्रदेश: देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद करते हुए वर्णिता संस्था के तत्वावधान में महान देशभक्त नाना साहब और क्रांतिकारी देशसेविका भीखा जी कामा को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। कार्यक्रम में दोनों स्वतंत्रता सेनानियों के देश के प्रति योगदान और संघर्ष को याद किया गया। संस्था के अध्यक्ष डॉ. भवानीदीन ने कहा कि नाना साहब 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नायकों में शामिल थे। उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई और कुंवर सिंह के साथ अंग्रेजी सत्ता के खिलाफ संघर्ष किया। इसके साथ ही उन्होंने संगठन निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को किया याद
डॉ. भवानीदीन ने कहा कि नाना साहब का जीवन देश के लिए समर्पण और संघर्ष का प्रेरक उदाहरण है। उनके योगदान को याद करते हुए स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि भीखा जी कामा का जन्म 24 सितंबर 1861 को मुंबई में हुआ था। उन्होंने 1907 में जर्मनी में भारत का झंडा फहराकर स्वतंत्रता आंदोलन की आवाज को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया। उनका योगदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में महत्वपूर्ण रहा है। कार्यक्रम में अशोक अवस्थी, सिद्धा, बाबूलाल प्रजापति, महावीर, रामनरायन सोनकर, राहुल, रिचा, प्रेम, सागर, सत्येंद्र और अखिलेश आदि मौजूद रहे।