
मौदहा, हमीरपुर: क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। पिछले तीन दिनों में करीब 36 घंटे से अधिक समय तक हुई तेज बारिश के कारण नदी, नाले, पोखर और तालाब पानी से लबालब हो गए हैं। जगह-जगह जलभराव होने और सड़कों पर पानी बहने से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। कई इलाकों में लोग अपने घरों में ही कैद होकर रह गए हैं। भारी बारिश के कारण क्षेत्र के करीब दो दर्जन से अधिक गांवों का मौदहा कस्बे से संपर्क प्रभावित हो गया है। कई रास्तों पर पानी भरने के कारण आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। वहीं, लगातार बारिश के बीच कच्चे मकानों के गिरने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। इससे ग्रामीण इलाकों में लोगों की चिंता और बढ़ गई है। गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को तेज हवाओं के साथ हुई मूसलाधार बारिश ने पूरे क्षेत्र को पानी से सराबोर कर दिया। लगातार बारिश के कारण तालाब और पोखर भर गए, जबकि नदी और नालों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ गया। कई जगह पानी सड़कों के ऊपर से बहने लगा, जिससे आवागमन बाधित हो गया। कस्बे का इलाही तालाब शनिवार सुबह ओवरफ्लो हो गया। तालाब का पानी आसपास के इलाकों में पहुंचने लगा, जिससे कुम्हरौड़ा मोहल्ले के सैकड़ों घर प्रभावित हो गए। कई घरों में पानी घुस गया और रास्तों पर भी पानी भर गया। स्थिति को देखते हुए उपजिलाधिकारी कर्णवीर सिंह और क्षेत्राधिकारी राजकुमार पाण्डेय की अगुवाई में नगरपालिका की टीम ने जेसीबी मशीन की मदद से पानी की निकासी की व्यवस्था कराई।
कई गांव बने टापू, नाव से कराया गया रेस्क्यू
बारिश के कारण बडेरी नाला भी उफान पर आ गया। इसके चलते छिमौली रोड पर बना रपटा पानी में डूब गया और रास्ता बंद हो गया। राजकीय महाविद्यालय जाने वाले मार्ग पर भी सड़क के ऊपर से पानी बहने के कारण आवागमन बाधित हो गया। मदारपुर से पहले पड़ने वाले नाले का पानी सड़क पर आने के कारण मदारपुर गांव टापू में तब्दील हो गया। कपसा मार्ग पर सिजनौड़ा के पास सड़क कट जाने से आवागमन प्रभावित हुआ। वहीं कपसा में बनी पुलिया भी पूरी तरह पानी में डूब गई, जिससे रास्ता बंद हो गया। श्याम नाले के पास स्थित गुरदहा गांव में भी पानी भरने से हालात बिगड़ गए हैं। गांव के चारों तरफ पानी होने के कारण लोगों के सामने घरों से निकलने का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीण घरों में रहने को मजबूर हैं। इचौली गांव में भी स्थिति काफी गंभीर बताई जा रही है। यहां जलभराव के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे पहले बाढ़ जैसे हालात के बीच प्रभावित लोगों के बीच राहत सामग्री भी वितरित की गई थी।
पढोरी गांव में चंद्रावल नदी का पानी रपटे से काफी ऊपर बह रहा है। पानी बढ़ने के कारण पंचायत भवन भी जलभराव की चपेट में आ गया है। वहीं, कुछ लोग खेतों में फंस गए थे, जिन्हें ग्राम प्रधान की अगुवाई में नाव के जरिए सुरक्षित बाहर निकाला गया। कोतवाली क्षेत्र का परछछ गांव भी पानी से घिर गया है। गांव में आवागमन बाधित होने के कारण लोग अपने घरों में ही रहने को मजबूर हैं। इसी तरह कम्हरिया में मस्तान बाबा की ओर बसी नई बस्ती में भी पानी भर गया है, जिससे वहां रहने वाले लोगों को घरों में ही रहना पड़ रहा है। बारिश का असर रेलवे की ओर से बनाए गए अंडरपास पर भी पड़ा है। अंडरपास में पानी भर जाने के कारण लोगों के लिए वहां से निकलना मुश्किल हो गया है। लगातार बारिश से कई इलाकों में जलनिकासी की समस्या और गंभीर हो गई है।
क्षेत्र के मांचा, भमौरा, मौदहा समेत अन्य गांवों से कच्चे मकानों के गिरने की सूचनाएं भी सामने आ रही हैं। लगातार बारिश के कारण ग्रामीण इलाकों में नुकसान बढ़ने की आशंका बनी हुई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, बारिश का सिलसिला अगले एक-दो दिनों तक जारी रहने की संभावना है। यदि क्षेत्र में इसी तरह बारिश होती रही तो जलभराव और आवागमन की स्थिति और खराब हो सकती है। हालात को देखते हुए प्रशासन भी लगातार निगरानी कर रहा है। उपजिलाधिकारी कर्णवीर सिंह, क्षेत्राधिकारी राजकुमार पाण्डेय, कोतवाली प्रभारी संतोष कुमार सिंह और तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीमें क्षेत्र का लगातार दौरा कर रही हैं। टीमें अलग-अलग इलाकों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य किए जा रहे हैं। फिलहाल लगातार बारिश के कारण मौदहा क्षेत्र के कई हिस्सों में सामान्य जनजीवन प्रभावित है। गांवों का संपर्क टूटने, रास्तों पर पानी भरने और घरों में जलभराव के कारण ग्रामीणों के सामने मुश्किलें बनी हुई हैं। प्रशासन की टीमें स्थिति पर नजर रख रही हैं, जबकि लोगों को बारिश थमने और जलस्तर कम होने का इंतजार है।