
महोबा: जिले के कबरई विकासखंड के सिरसीकला गांव स्थित गौशाला में जलभराव का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि तालाब का पानी गौशाला परिसर में भर गया, जिसके बाद वहां मौजूद गौवंश के सामने परेशानी खड़ी हो गई। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें गौवंश पानी के बीच फंसे हुए दिखाई दे रहे हैं। वायरल वीडियो में पानी से घिरे गौवंश नजर आ रहे हैं। वीडियो में पशु पानी के बीच खड़े दिखाई देते हैं और सुरक्षित स्थान तक पहुंचने के लिए संघर्ष करते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद गांव और आसपास के क्षेत्र में गौशाला की व्यवस्थाओं तथा वहां मौजूद पशुओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। घटना कबरई विकासखंड के सिरसीकला गांव की बताई जा रही है। गौशाला में तालाब का पानी भरने के बाद वहां की स्थिति को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई। वायरल वीडियो के कारण मामला लोगों के बीच पहुंचा, जिसके बाद गौवंश की सुरक्षा और उनके लिए किए गए इंतजामों को लेकर सवाल उठाए जाने लगे।
जिम्मेदारों की मौजूदगी पर भी सवाल
वायरल वीडियो को लेकर आरोप है कि गौशाला में पानी भरने के बाद जिम्मेदार कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं थे। ऐसे में पानी के बीच फंसे गौवंश की देखभाल और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, जिम्मेदार कर्मचारियों के मौके पर होने या न होने की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। ग्रामीणों में इस घटना को लेकर नाराजगी बताए जाने की बात सामने आई है। लोगों की चिंता गौशाला में मौजूद गौवंश की सुरक्षा को लेकर है। जलभराव की स्थिति में पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए क्या इंतजाम किए गए थे और पानी भरने के बाद उन्हें निकालने के लिए क्या कदम उठाए गए, इसे लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि, फिलहाल वायरल वीडियो की तारीख और उसे रिकॉर्ड किए जाने के समय की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसके अलावा गौशाला में वास्तव में कितने गौवंश प्रभावित हुए, जलभराव की स्थिति कितनी गंभीर थी और पशुओं को बाद में सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया या नहीं, इसकी भी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। मामले में प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई की जानकारी भी अभी सामने आना बाकी है। इसलिए वायरल वीडियो और स्थानीय स्तर पर सामने आए दावों के आधार पर किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। प्रशासन की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने और जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।