
धौलाना: विकास खंड धौलाना में नव विकसित राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आधारित पुस्तकों, शिक्षक संदर्शिकाओं और आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) पर आधारित शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हो गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में विकास खंड धौलाना के कुल 454 शिक्षकों ने प्रतिभाग कर प्रशिक्षण प्राप्त किया।प्रशिक्षण का आयोजन कंदौला स्थित मॉडर्न कॉलेज और श्री रामेश्वर कॉलेज ऑफ फार्मेसी में किया गया। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को बच्चों की आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान को मजबूत करने के लिए विभिन्न शिक्षण विधियों की जानकारी दी गई। बच्चों को सीखने की प्रक्रिया से जोड़ते हुए उन्हें निपुण बनाने के लिए कक्षा शिक्षण में गतिविधियों के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को नव विकसित एनसीईआरटी आधारित पुस्तकों और शिक्षक संदर्शिकाओं के प्रभावी उपयोग के बारे में विस्तार से बताया गया। शिक्षकों को समझाया गया कि इन शिक्षण सामग्रियों का सही तरीके से उपयोग कर बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। साथ ही बच्चों को पढ़ाई के प्रति रुचि विकसित कराने के लिए गतिविधि आधारित, आनंदमय और रुचिपूर्ण शिक्षण पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया गया। प्रशिक्षण में इस बात पर भी चर्चा की गई कि बच्चों को केवल पारंपरिक तरीके से पढ़ाने के बजाय विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से सीखने के अवसर दिए जाएं।
स्थानीय संसाधनों और गतिविधियों के उपयोग पर जोर
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को बताया गया कि कक्षा शिक्षण में बच्चों की सहभागिता बढ़ाने के लिए स्थानीय संसाधनों और अलग-अलग गतिविधियों का उपयोग किया जा सकता है। इससे बच्चों को विषयों को समझने और सीखने में मदद मिल सकती है। शिक्षकों को बच्चों की सीखने की गति और उनकी समझ के स्तर के अनुसार शिक्षण प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाने के बारे में भी जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान इस बात पर जोर रहा कि प्रत्येक बच्चे की सीखने की क्षमता और जरूरत को ध्यान में रखते हुए कक्षा में शिक्षण गतिविधियों को तैयार किया जाए।
प्रशिक्षण कार्यक्रम खंड शिक्षा अधिकारी, धौलाना के निर्देशन में संपन्न कराया गया। कार्यक्रम की देखरेख संदर्भदाता श्रीमती एकता भाल, श्रीमती सीमा रानी, दुष्यंत कुमार (एआरपी), पंकज कुमार (एआरपी) और नरेश कुमार (एआरपी) ने की। समापन अवसर पर प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले 454 शिक्षकों ने बच्चों को निपुण बनाने और विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी, आनंदमय एवं गतिविधि आधारित बनाने का संकल्प लिया। शिक्षकों ने प्रशिक्षण के दौरान मिली जानकारी और नई शिक्षण पद्धतियों को अपने-अपने विद्यालयों में लागू करने की बात कही। अधिकारियों और संदर्भदाताओं ने भी शिक्षकों से प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रखते हुए उसे विद्यालयों में व्यवहारिक रूप से लागू करने का आह्वान किया। इस दौरान बच्चों की आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान को मजबूत करने के उद्देश्य से शिक्षण प्रक्रिया को अधिक सरल, रुचिपूर्ण और सहभागितापूर्ण बनाने पर जोर दिया गया।