उत्तराखंड में चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज, जुबिन नौटियाल के पिता रामशरण ने छोड़ी भाजपा

उत्तराखंड: उत्तराखंड में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज होती नजर आ रही हैं। चुनाव से पहले नेताओं के राजनीतिक कदमों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इसी बीच बॉलीवुड के मशहूर गायक जुबिन नौटियाल के पिता और पूर्व राजनीतिक पदाधिकारी रामशरण नौटियाल ने भारतीय जनता पार्टी से अपना नाता तोड़ लिया है। उनके भाजपा छोड़ने की जानकारी सामने आने के बाद उत्तराखंड की राजनीति में इसे लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

रामशरण नौटियाल उत्तराखंड की राजनीति में पहले भी सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। वह पिछले विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चकराता विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरे थे। हालांकि, मौजूदा समय में उनके भाजपा से अलग होने के बाद उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। फिलहाल उन्होंने आगे की राजनीतिक दिशा को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। राजनीतिक सफर की बात करें तो रामशरण नौटियाल इससे पहले देहरादून के जिला पंचायत अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि केवल भाजपा तक सीमित नहीं रही है। वह लंबे समय तक कांग्रेस से भी जुड़े रहे हैं। ऐसे में भाजपा छोड़ने के बाद उनके अगले कदम को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा होना स्वाभाविक माना जा रहा है।

अब अगले कदम पर नजर

भाजपा से अलग होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि रामशरण नौटियाल आगे किस राजनीतिक दल के साथ जाएंगे। हालांकि, अभी तक उनके किसी अन्य दल में शामिल होने को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। उन्होंने भाजपा से नाता तोड़ने का फैसला ऐसे समय में लिया है, जब उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं।

रामशरण नौटियाल के अगले फैसले पर राजनीतिक दलों और समर्थकों की नजर बनी हुई है। उनके पिछले राजनीतिक अनुभव और अलग-अलग दलों से जुड़े रहने की पृष्ठभूमि को देखते हुए उनके भविष्य के राजनीतिक कदम को लेकर चर्चाएं जारी हैं। हालांकि, जब तक उनकी ओर से किसी नए राजनीतिक दल में शामिल होने की औपचारिक घोषणा नहीं होती, तब तक उनके अगले कदम को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं मानी जा सकती। फिलहाल इतना तय है कि रामशरण नौटियाल के भाजपा छोड़ने के बाद उत्तराखंड की राजनीति में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। अब देखना होगा कि वह आने वाले समय में किस राजनीतिक दल के साथ अपनी आगे की राजनीतिक पारी जारी रखते हैं।

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