धौलाना तहसील में सात लेखपालों ने छोड़ा अतिरिक्त क्षेत्र का चार्ज, ग्रामीणों के राजस्व कार्य प्रभावित

उत्तर प्रदेश: लेखपाल संघ की मांगों को लेकर चल रहे विरोध के बीच धौलाना तहसील क्षेत्र की सात ग्राम पंचायतों में राजस्व संबंधी कामकाज प्रभावित होने लगा है। सात लेखपालों ने अपने अतिरिक्त क्षेत्र का चार्ज छोड़कर वहां काम करने से विरत रहने का निर्णय लिया है। इसका सीधा असर अब ग्रामीणों पर दिखाई दे रहा है। आय, जाति और मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाने के साथ-साथ ऑनलाइन और ऑफलाइन राजस्व कार्यों के लिए ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया कि धौलाना तहसील क्षेत्र में सात लेखपालों के पास एक से अधिक ग्राम पंचायतों का अतिरिक्त प्रभार था। लेखपालों ने अतिरिक्त यानी डबल क्षेत्र का चार्ज छोड़ दिया है। इसके बाद संबंधित ग्राम पंचायतों में कई राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित हुए हैं। प्रमाण पत्रों के लिए आवेदन करने वाले ग्रामीणों को अपने काम के लिए तहसील स्तर पर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर छात्र-छात्राओं पर पड़ रहा है। छात्रवृत्ति के आवेदन के लिए आय, जाति और मूल निवास प्रमाण पत्र की जरूरत होती है। प्रमाण पत्र समय पर तैयार नहीं होने के कारण विद्यार्थियों के सामने छात्रवृत्ति आवेदन की प्रक्रिया पूरी करने में परेशानी खड़ी हो रही है। छात्र-छात्राओं के साथ उनके अभिभावक भी प्रमाण पत्रों की स्थिति जानने और काम पूरा कराने के लिए तहसील के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।

छात्रों के साथ किसान भी परेशान

ग्रामीणों के अनुसार केवल प्रमाण पत्रों से जुड़े काम ही प्रभावित नहीं हुए हैं, बल्कि किसानों के कई राजस्व संबंधी कार्य भी अटक गए हैं। ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन कार्यों पर भी इसका असर पड़ने की बात सामने आई है। इससे किसानों और अन्य ग्रामीणों को अपने जरूरी काम पूरे कराने में दिक्कत हो रही है। धौलाना ग्राम पंचायत के लेखपाल टिंकूराम, बड़ौदा सिहानी के लेखपाल शमशे आलम, भावा ग्राम पंचायत के लेखपाल गौरव चौधरी, शाहपुर फगौता के लेखपाल सुखराम, खेड़ा सिसौली के लेखपाल अनुज चौधरी, पारपा ग्राम पंचायत के लेखपाल प्रभात और कंदौला ग्राम पंचायत के लेखपाल संजीव कुमार द्वारा अतिरिक्त क्षेत्र का काम नहीं करने का निर्णय लिया गया है।

लेखपालों का कहना है कि लेखपाल संघ की मांगों का समाधान होने तक वे अतिरिक्त क्षेत्र का कार्य नहीं करेंगे। इसी के चलते अतिरिक्त प्रभार वाले क्षेत्रों में राजस्व संबंधी कामकाज प्रभावित हो रहा है। हालांकि, इसका असर अब आम ग्रामीणों के जरूरी कार्यों पर पड़ने लगा है। ग्रामीण ताहिर, चंद्रपाल, गुलेश, तिलकचंद और सोनू ने प्रशासन से इस मामले में वैकल्पिक व्यवस्था कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि छात्र-छात्राओं के छात्रवृत्ति संबंधी प्रमाण पत्र समय पर तैयार होना जरूरी है। इसके अलावा किसानों के भी कई जरूरी राजस्व कार्य जुड़े हुए हैं। ऐसे में प्रशासन को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे इन कामों में अनावश्यक देरी न हो। ग्रामीणों ने मांग की है कि सात ग्राम पंचायतों में प्रभावित राजस्व कार्यों को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। इससे विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति आवेदन में परेशानी नहीं होगी और किसानों समेत अन्य ग्रामीणों के जरूरी कार्य भी समय पर पूरे हो सकेंगे। फिलहाल लेखपालों के अतिरिक्त क्षेत्र का काम नहीं करने के निर्णय के बीच इन ग्राम पंचायतों के लोगों की नजर प्रशासन की ओर से की जाने वाली व्यवस्था पर है।

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