ग्रेटर नोएडा के ईशान इंस्टीट्यूट पर छात्रों को परेशान करने का आरोप, एडमिट कार्ड नहीं मिलने से बढ़ी चिंता

ग्रेटर नोएडा: नॉलेज पार्क-1 स्थित ईशान इंस्टीट्यूट में छात्रों को परेशान किए जाने का मामला सामने आया है। छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन पर परीक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों का कहना है कि उनकी परीक्षा दोपहर 1:30 बजे निर्धारित थी, लेकिन परीक्षा के समय तक उन्हें एडमिट कार्ड उपलब्ध नहीं कराया गया। एडमिट कार्ड नहीं मिलने के कारण छात्र परीक्षा को लेकर असमंजस की स्थिति में नजर आए। छात्रों के अनुसार, परीक्षा में शामिल होने के लिए एडमिट कार्ड जरूरी होने के बावजूद उन्हें समय पर यह उपलब्ध नहीं कराया गया। परीक्षा का समय नजदीक आने के साथ छात्रों की चिंता भी बढ़ती गई। उनका आरोप है कि एडमिट कार्ड नहीं मिलने की वजह से उन्हें यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा था कि परीक्षा से संबंधित प्रक्रिया किस तरह पूरी होगी। परीक्षा से जुड़ी इस स्थिति के बीच छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन पर एक और आरोप लगाया। छात्रों का कहना है कि उन्हें कॉलेज परिसर से बाहर आने की अनुमति भी नहीं दी गई। इसको लेकर भी छात्रों में नाराजगी देखने को मिली। परीक्षा और एडमिट कार्ड को लेकर पहले से परेशान छात्रों ने इस स्थिति को अपने लिए काफी चिंताजनक बताया।

परीक्षा को लेकर छात्रों में असमंजस

एडमिट कार्ड नहीं मिलने और कॉलेज से बाहर निकलने को लेकर लगाए गए आरोपों के बीच छात्रों को अपने भविष्य की चिंता सताने लगी। परीक्षा उनके लिए महत्वपूर्ण होने के कारण समय पर एडमिट कार्ड न मिलना उनके लिए परेशानी का कारण बना। छात्रों का कहना है कि परीक्षा से पहले उन्हें आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए जाने चाहिए थे, ताकि वे बिना किसी परेशानी के परीक्षा में शामिल हो सकें।

मामले को लेकर कॉलेज प्रबंधन का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। ऐसे में छात्रों की ओर से लगाए गए आरोपों पर संस्थान की प्रतिक्रिया का इंतजार है। कॉलेज प्रबंधन की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद ही यह पता चल सकेगा कि एडमिट कार्ड उपलब्ध कराने में देरी क्यों हुई और छात्रों को परिसर से बाहर निकलने को लेकर क्या व्यवस्था थी। फिलहाल एडमिट कार्ड को लेकर छात्रों की परेशानी और परीक्षा से जुड़ा असमंजस सामने आया है। छात्रों की चिंता इस बात को लेकर है कि परीक्षा प्रक्रिया पर इसका क्या असर पड़ेगा। अब नजर कॉलेज प्रबंधन की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर है और यह देखना होगा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान किस तरह किया जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *