
मुजफ्फरनगर: फुगाना थाना क्षेत्र के खरड़ गांव में बुजुर्ग जयसिंह कश्यप की मौत के मामले को लेकर एक बार फिर हलचल देखने को मिली। पीड़ित परिवार से मुलाकात करने जा रहे समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को बुढ़ाना कस्बा चौकी के पास पुलिस ने रोक दिया। प्रतिनिधिमंडल में सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के अध्यक्ष राजपाल कश्यप समेत पार्टी के कई नेता शामिल थे। पूर्व सांसद फजलू रहमान और सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी भी प्रतिनिधिमंडल के साथ मौजूद रहे। जानकारी के मुताबिक, सपा प्रतिनिधिमंडल खरड़ गांव जाकर मृतक के परिजनों से मुलाकात करना चाहता था। प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य परिवार से घटना की जानकारी लेना और उनके प्रति संवेदना व्यक्त करना था। हालांकि, बुढ़ाना क्षेत्र में पुलिस ने प्रतिनिधिमंडल को आगे जाने से रोक दिया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल और पुलिस के बीच बातचीत हुई और नेताओं ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कराने की मांग रखी। बताया गया कि खरड़ गांव में 80 वर्षीय जयसिंह कश्यप की मौत मारपीट की घटना के बाद हुई थी। मामले को लेकर गांव में पहले भी आक्रोश और विरोध देखने को मिला था। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की है, जबकि हालिया रिपोर्टों में कुछ आरोपियों की तलाश जारी होने की जानकारी भी सामने आई थी।
पीड़ित परिवार से मुलाकात पर बनी स्थिति
पुलिस द्वारा गांव जाने से रोके जाने के बाद सपा प्रतिनिधिमंडल की ओर से नाराजगी जताई गई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, बाद में मृतक के परिजनों को बुढ़ाना स्थित डाक बंगले पर बुलाया गया, जहां प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मुलाकात की और घटना से जुड़ी जानकारी ली। नेताओं ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उनकी समस्याएं सुनीं।
सपा प्रतिनिधिमंडल में राजपाल कश्यप, पूर्व सांसद फजलुर्रहमान और जिलाध्यक्ष जिया चौधरी समेत कई नेता शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने परिवार से मुलाकात के दौरान मामले की जानकारी जुटाई। इस दौरान पीड़ित परिवार से मिलने के लिए जा रहे नेताओं को रोके जाने का मुद्दा भी चर्चा में रहा। जयसिंह कश्यप की मौत के मामले में इससे पहले भी राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं। घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों की ओर से कार्रवाई की मांग उठाई गई थी। अब सपा प्रतिनिधिमंडल के गांव जाने से रोके जाने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। फिलहाल सपा प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनकी स्थिति और घटना से जुड़ी जानकारी ली है। वहीं, पुलिस की ओर से प्रतिनिधिमंडल को गांव जाने से रोकने के पीछे बताई गई व्यवस्था को लेकर भी चर्चा बनी हुई है। मामले में आगे की कार्रवाई और पुलिस जांच पर भी नजर रहेगी।