
उत्तर प्रदेश: क्षेत्र के इंगोहटा गांव में बंदरों के बढ़ते आतंक ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। गांव में सैकड़ों की संख्या में बंदरों के झुंड छतों और गलियों में घूमते रहते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, बंदरों के हमलों में अब तक 20 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। लगातार हो रहे हमलों के कारण लोगों में डर का माहौल है। हाल ही में अनुराग सिंह पर बंदरों ने हमला कर उन्हें दो बार काटकर घायल कर दिया। उनकी हालत को देखते हुए कानपुर में उपचार कराया जा रहा है। वहीं भोला कुशवाहा को भी बंदरों ने काटकर घायल किया है। इससे पहले भी गांव में कई लोगों पर बंदरों के हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
सोते समय भी किया हमला
ग्रामीणों के अनुसार कुछ दिन पहले लालमन सोनकर, फुर्तीलाल सोनकर और गंगाराम सोनकर पर भी बंदरों ने हमला किया था। गंगाराम सोनकर को तो बंदरों ने सोते समय हाथ में दो बार काट लिया। इन घटनाओं के बाद ग्रामीणों में बंदरों को लेकर चिंता और बढ़ गई है। गांव में बंदरों के झुंड अक्सर छतों और गलियों में दिखाई देते हैं। इनके अचानक हमला करने की वजह से ग्रामीणों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ रही बंदरों की संख्या के कारण समस्या गंभीर होती जा रही है।
बंदरों के बढ़ते हमलों को देखते हुए वन विभाग की ओर से कई महीने पहले रीछा तालाब के पास एक पिंजरा लगाया गया था। हालांकि, ग्रामीणों के मुताबिक अब तक इस पिंजरे में एक भी बंदर नहीं पकड़ा जा सका है। पिंजरा लगाए जाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने अधिकारियों से मांग की है कि बंदरों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और गांव में बढ़ते आतंक से लोगों को राहत दिलाई जाए। उनका कहना है कि लगातार हो रहे हमलों को देखते हुए जल्द प्रभावी कार्रवाई जरूरी है, ताकि ग्रामीणों को सुरक्षित माहौल मिल सके।