इंगोहटा में बंदरों का आतंक जारी, फिर ग्रामीण पर हमला कर किया लहूलुहान

भरुआ सुमेरपुर: इंगोहटा गांव में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। आए दिन ग्रामीणों पर हो रहे हमलों से गांव में भय का माहौल बना हुआ है। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं घरों से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं। ग्रामीणों की शिकायत के बाद वन विभाग की ओर से बंदरों को पकड़ने के लिए गांव में पिंजरा लगाया गया था, लेकिन दो दिन बीतने के बाद भी पिंजरा खाली पड़ा है। इस बीच बंदरों के हमले लगातार जारी हैं। बुधवार को बिजली विभाग के लाइनमैन प्रदीप श्रीवास पर बंदरों ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। इसके अगले ही दिन गुरुवार को बंदरों ने कालीदेवी मंदिर मोहल्ला निवासी जगतपाल सोनकर को अपना निशाना बना लिया। बंदर ने उन पर हमला कर उन्हें बुरी तरह काट लिया, जिससे वह लहूलुहान हो गए। हमले के बाद जगतपाल का उपचार कराया जा रहा है और उनके हाथ में पट्टी बंधी हुई है।

लगातार हमलों से ग्रामीणों में बढ़ा डर

इंगोहटा में बंदरों के हमले की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई ग्रामीण इनके हमले का शिकार हो चुके हैं। अनुराग सिंह, भोला कुशवाहा, लालमन सोनकर, फुर्तीलाल सोनकर और गंगाराम सोनकर समेत कई ग्रामीण बंदरों के हमले में घायल हो चुके हैं। लगातार सामने आ रही घटनाओं के कारण ग्रामीणों में दहशत बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बंदरों के हमले के कारण रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को लेकर परिवारों में चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों की शिकायतों के बाद दो दिन पूर्व वन विभाग की टीम गांव पहुंची थी और बंदरों को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया था। हालांकि पिंजरा लगाए जाने के बाद भी अब तक एक भी बंदर उसमें नहीं फंसा है।

पिंजरा खाली रहने और बंदरों के लगातार हमले होने से ग्रामीणों में वन विभाग की कार्रवाई को लेकर नाराजगी भी है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और वन विभाग से बंदरों को पकड़ने के लिए प्रभावी अभियान चलाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है।

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