
भरुआ सुमेरपुर: कस्बे के वार्ड संख्या 15 में बुधवार रात मायके से लौटकर आई एक विधवा ने सूने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। गुरुवार सुबह काफी देर तक घर का दरवाजा नहीं खुलने पर पड़ोसियों को अनहोनी की आशंका हुई। पास में रहने वाले जेठ को भी संदेह हुआ, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों की मौजूदगी में घर का मुख्य दरवाजा खुलवाया। अंदर कमरे में महिला फांसी के फंदे पर लटकी मिली। वार्ड संख्या 15 निवासी आशा देवी कुशवाहा (45) के पति जगदीश कुशवाहा की करीब डेढ़ वर्ष पहले मौत हो गई थी। पति की मौत के बाद आशा देवी ज्यादातर समय अपने मायके में ही रहती थीं। बुधवार शाम वह मायके से वापस अपने घर आई थीं। रात में उन्होंने घर का दरवाजा बंद किया और सोने चली गईं।
सुबह दरवाजा नहीं खुलने पर पड़ोसियों को हुआ शक
गुरुवार सुबह काफी समय बीतने के बाद भी जब घर का दरवाजा नहीं खुला तो पड़ोसियों और समीप रहने वाले जेठ को चिंता हुई। उन्होंने पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मुख्य दरवाजा खुलवाकर घर के अंदर दाखिल हुई। कमरे में आशा देवी छत में लगे कुंडे के सहारे फांसी के फंदे पर झूलती मिलीं।
पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारकर कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद गुरुवार शाम मुख्यालय स्थित यमुना तट पर मृतका का अंतिम संस्कार किया गया। आशा देवी अपने पीछे विवाहिता पुत्री गरिमा उर्फ नीलू और इकलौते पुत्र शिवांश कुशवाहा को छोड़ गई हैं। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। दोनों बच्चों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने मामले में आवश्यक कार्रवाई की है।