
महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के नासिक में TCS से जुड़े यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण के आरोपों के मामले में आरोपी निदा खान को एक और कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ रहा है। उनके पति की ओर से दायर तलाक याचिका पर फैमिली कोर्ट ने वारंट जारी किया है। अदालत ने निदा खान या उनके वकील को 16 अक्टूबर को पेश होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। जानकारी के मुताबिक, निदा खान के पति ने तलाक के लिए फैमिली कोर्ट में याचिका दायर की है। इसी याचिका पर सुनवाई के लिए अदालत ने 22 अगस्त को निदा खान के खिलाफ वारंट जारी किया था। अब उन्हें निर्धारित तारीख पर अदालत के समक्ष उपस्थित होने के लिए कहा गया है। 16 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई में वह या उनके वकील तलाक याचिका पर अपना पक्ष रख सकते हैं। यह मामला उस समय चर्चा में आया था, जब नासिक में TCS से जुड़े यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण के आरोपों की जांच शुरू हुई। मामले की जांच के लिए पुलिस ने विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया था। जांच एजेंसी मामले से जुड़े आरोपों, घटनाक्रम और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है।
SIT की जांच और कानूनी कार्रवाई जारी
इस मामले में पुलिस ने निदा खान को गिरफ्तार भी किया था। हालांकि, बाद में अदालत ने उन्हें जमानत दे दी थी। उनकी गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच आगे बढ़ी और SIT की ओर से अब तक दो आरोपपत्र दाखिल किए जाने की बात सामने आई है। जांच के दौरान SIT ने मामले से जुड़े लोगों के बयान दर्ज किए और दस्तावेजों समेत अन्य साक्ष्यों की जांच की। जांच के दौरान सामने आए बिंदुओं को आरोपपत्र में शामिल किया गया है। मामले में अब आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
वहीं, निदा खान के खिलाफ उनके पति की ओर से दायर तलाक याचिका अलग से फैमिली कोर्ट में विचाराधीन है। अदालत की ओर से जारी वारंट के बाद 16 अक्टूबर की सुनवाई महत्वपूर्ण होगी। इस दौरान निदा खान या उनके वकील की मौजूदगी में तलाक याचिका पर उनका पक्ष अदालत के सामने रखा जा सकता है। एक तरफ TCS से जुड़े मामले में SIT की जांच और आरोपपत्रों के आधार पर न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, तो दूसरी ओर पारिवारिक अदालत में तलाक याचिका पर सुनवाई जारी है। फिलहाल दोनों मामलों की कानूनी कार्यवाही अलग-अलग स्तर पर चल रही है।