
भरुआ सुमेरपुर: वर्णिता संस्था के तत्वावधान में विमर्श विविधा के अंतर्गत आयोजित ‘जिनका देश ऋणी है’ कार्यक्रम में रविवार को लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष डॉ. भवानीदीन ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए और देश के लिए उनके योगदान को याद किया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. भवानीदीन ने कहा कि जयप्रकाश नारायण सच्चे जननायक थे। स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आजाद भारत तक उनका योगदान अविस्मरणीय रहा। उन्होंने अपने जीवन में देश और लोकतंत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर संघर्ष किया। उनके विचारों और कार्यों को याद करते हुए जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
संपूर्ण क्रांति और लोकतंत्र की रक्षा के लिए किया संघर्ष
डॉ. भवानीदीन ने बताया कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण का जन्म 11 अक्टूबर 1902 को बिहार के सिताबदियारा में हुआ था। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आजादी के बाद भी वह देश के सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे। जयप्रकाश नारायण ने 5 जून 1974 को बिहार में संपूर्ण क्रांति आंदोलन का नेतृत्व किया। वर्ष 1975 में आपातकाल के दौरान उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया। उनके प्रयासों से जनता दल की सरकार बनी। बीमारी के कारण 8 अक्टूबर 1979 को उनका निधन हो गया।
कार्यक्रम में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के जीवन, विचारों और देश के प्रति उनके योगदान को याद किया गया। इस अवसर पर अशोक अवस्थी, सिद्धा, प्रेम, प्रिंस, राहुल, होरीलाल, रामनारायण सोनकर, महावीर प्रजापति, ऋचा, पंकज सिंह, सत्येंद्र और अखिलेश मौजूद रहे।