
बुलंदशहर: जिले की स्याना तहसील और आसपास के क्षेत्रों में हरे पेड़ों की कटाई को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि फल पट्टी घोषित क्षेत्र में नियमों की अनदेखी कर आम, जामुन और शीशम सहित कई हरे पेड़ काटे जा रहे हैं। मामले को लेकर संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए हैं। स्थानीय स्तर पर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार, थाना स्याना क्षेत्र के हाजीपुर गांव में करीब आधा दर्जन जामुन के पेड़ काटे जाने का आरोप है। वहीं, थाना नरसेना की बुगरासी चौकी क्षेत्र के रवानी कटीरी गांव में आठ आम के पेड़ों की कटाई की बात सामने आई है। इन घटनाओं को लेकर क्षेत्र में पेड़ों की कटाई की अनुमति और नियमों के पालन की जांच कराने की मांग उठ रही है।
40 पेड़ों के परमिट पर निर्धारित संख्या से अधिक कटाई का आरोप
जलालपुर मार्ग पर 40 पेड़ों के परमिट की आड़ में निर्धारित संख्या से अधिक पेड़ काटे जाने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में यूनिस नाम के एक ठेकेदार का भी उल्लेख किया गया है। इसके अलावा रूखी गांव में शीशम के पेड़ों की कटाई किए जाने की बात सामने आई है। इन सभी मामलों में कटाई की वास्तविक संख्या और परमिट की शर्तों की जांच कराने की मांग की जा रही है। मामले में कोतवाली स्याना की सराय चौकी पर तैनात आरक्षी कैलाश और अंकित के साथ वन विभाग के वन दरोगा लोकेश और गौरव पर कथित तौर पर वन माफिया से मिलीभगत करने तथा पैसे लेकर पेड़ों की कटाई कराने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों का आधिकारिक बयान भी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
फल पट्टी घोषित क्षेत्र में हरे पेड़ों की कटाई के आरोपों ने पर्यावरण संरक्षण और विभागीय निगरानी को लेकर सवाल खड़े किए हैं। मांग की जा रही है कि संबंधित स्थानों पर काटे गए पेड़ों की संख्या, जारी किए गए परमिट और कटाई की वैधता की जांच कराई जाए। स्थानीय स्तर पर यह भी मांग उठाई जा रही है कि यदि जांच में नियमों का उल्लंघन या किसी अधिकारी-कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि और विभागीय स्तर पर की जाने वाली कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।