श्रीराम के चरणों का स्पर्श पाकर अहिल्या का हुआ उद्धार, ग्रेटर नोएडा में रामलीला का भव्य मंचन

ग्रेटर नोएडा: श्री रामलीला कमेटी ग्रेटर नोएडा की ओर से साइट-4 में विजय महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव के तीसरे दिन रामलीला का शुभारंभ गणेश वंदना के साथ हुआ। इस दौरान भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के ऋषि विश्वामित्र के साथ जनकपुरी जाने तथा मार्ग में अहिल्या उद्धार की लीला का मंचन किया गया। इसके साथ ही जनकपुरी में श्रीराम और माता सीता की पहली मुलाकात का प्रसंग भी प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के डीजीएम विजय रावल, विशिष्ट अतिथि एसएम राजेश गौतम और भाजपा पिछड़ा वर्ग के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय चौधरी सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। इस अवसर पर एमएलसी प्रत्याशी स्नातक मेरठ-सहारनपुर प्रमेन्द्र सिंह भाटी, एडवोकेट अजीत सिंह दोला और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। कमेटी के अध्यक्ष सरदार मनजीत सिंह ने बताया कि अतिथियों ने कार्यक्रम स्थल की व्यवस्थाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि सभी को भगवान श्रीराम के चरित्र को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। साथ ही, आने वाली पीढ़ी को रामलीला जैसे सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम जरूर दिखाने चाहिए, ताकि वे भगवान श्रीराम के आदर्शों को समझ सकें।

जनकपुरी में श्रीराम और माता सीता की मुलाकात

कमेटी के महासचिव विजेन्द्र सिंह आर्य ने बताया कि लीला मंचन के दौरान श्रीराम और लक्ष्मण ऋषि विश्वामित्र के आश्रम में पहुंचते हैं और आश्रमवासियों की पीड़ा सुनते हैं। इसी बीच राजा जनक का दूत आश्रम में आता है और ऋषि विश्वामित्र को जनकपुरी आने का निमंत्रण देता है। इसके बाद ऋषि विश्वामित्र श्रीराम और लक्ष्मण के साथ जनकपुरी के लिए प्रस्थान करते हैं। रास्ते में श्रीराम के चरणों का स्पर्श पाकर अहिल्या के उद्धार का प्रसंग भी मंचित किया जाता है। कोषाध्यक्ष मनोज गर्ग ने बताया कि जनकपुरी पहुंचने के बाद ऋषि विश्वामित्र के साथ दोनों भाई राजा जनक के विश्राम गृह में जाते हैं। राजा जनक उनसे मिलने आते हैं। इसके बाद गुरु विश्वामित्र की आज्ञा लेकर श्रीराम और लक्ष्मण जनकपुरी के बाजार में घूमने निकलते हैं और वहां के बाजार का आनंद लेते हैं।

बाद में दोनों भाई संध्या पूजन के लिए पुष्प लेने वाटिका पहुंचते हैं। उसी समय माता सीता भी अपनी सखियों के साथ गौरी पूजन के लिए वहां आती हैं। वाटिका में श्रीराम और माता सीता की मुलाकात होती है। इसके बाद माता सीता गौरी माता की पूजा कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करती हैं। कमेटी के संयुक्त महासचिव सौरभ बंसल ने बताया कि 15 अक्टूबर को रामलीला में धनुष यज्ञ, सीता स्वयंवर, लक्ष्मण-परशुराम संवाद, जनकपुरी में बारात का स्वागत, श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के विवाह तथा विदाई समारोह की लीलाओं का मंचन किया जाएगा।

मीडिया प्रभारी विनोद कसाना ने बताया कि अगले दिन दर्शकों को 50 फीट के धनुष को 55 फीट की ऊंचाई पर खंडित किए जाने का दृश्य देखने को मिलेगा। उन्होंने नगरवासियों से परिवार सहित रामलीला देखने पहुंचने की अपील की। इस अवसर पर अध्यक्ष सरदार मनजीत सिंह, धर्मपाल प्रधान, विजेन्द्र सिंह आर्य, मनोज गर्ग, सौरभ बंसल, विनोद कसाना, हरेंद्र भाटी, ओमप्रकाश अग्रवाल, कुलदीप शर्मा, मुकेश शर्मा, केके शर्मा, मुकुल गोयल, अमित गोयल, अतुल जिंदल, गिरीश जिंदल, कमल सिंह आर्य, सुनील प्रधान, श्यामवीर भाटी, सुभाष चंदेल, अजय चेची रामपुर, मनोज यादव, अनुज उपाध्याय, अरुण गुप्ता, अंकुर गर्ग, अतुल जैन, मोनू अग्रवाल, विकास, रिंकू, दीपक और राहुल नंबरदार सहित कमेटी के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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