
मथुरा: मथुरा के कोसीकलां में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की भव्य बारात धूमधाम से निकाली गई। आकर्षक झांकियों, बैंड-बाजों की मधुर धुनों और ‘जय श्रीराम’ के जयकारों से पूरा नगर भक्तिमय हो गया। बारात में श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक रहा। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने भगवान श्रीराम की आरती उतारकर बारात का शुभारंभ किया। इस दौरान कई विशिष्ट अतिथि और स्थानीय गणमान्य लोग मौजूद रहे। बारात के शुभारंभ के अवसर पर कैबिनेट प्रतिनिधि नरदेव चौधरी, भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संजीव जाविया सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे। आयोजन के दौरान भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के घोड़ों पर सवार होकर निकलने पर श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए।
प्रमुख मार्गों से निकली भव्य बारात
रामनगर स्थित ऐतिहासिक तोताराम मंदिर से शुरू हुई बारात बलदेवगंज, घंटाघर, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, मुख्य बाजार और भरत मिलाप चौक सहित नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। दर्जनों मनमोहक झांकियों के साथ बारात रामलीला मैदान पहुंची। रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान श्रीराम की बारात का स्वागत किया। आयोजन के दौरान लाल स्मृति भवन से बारात निकलने और सब्जी मंडी, कच्ची मंडी तथा खेड़े से होते हुए भरत मिलाप चौक पहुंचने का भी उल्लेख किया गया। यहां कोसीकलां के वरिष्ठ समाजसेवी कमल किशोर वार्ष्णेय और उनके परिवार के सदस्यों ने आरती उतारकर स्वागत किया। इसके बाद जनकपुरी से शुरू हुई बारात का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने आरती उतारकर किया।
बारात के प्रमुख आकर्षणों में भरत मिलाप चौक पर सजाई गई भव्य जनकपुरी भी शामिल रही। यहां आयोजित विशेष भजन संध्या में भक्तिमय माहौल देखने को मिला। भजनों की मधुर धुनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। रामलीला संस्थान की ओर से आयोजित यह पारंपरिक कार्यक्रम नगर की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक बना। बारात में रामलीला संस्थान कोसीकलां के अध्यक्ष गिरिराज सिंह, संयोजक खगेंद्र सिंह, राहुल जैन, वरिष्ठ समाजसेवी कमल किशोर वार्ष्णेय, तरुण सेठ, कन्हैयालाल गोयल, मीडिया प्रभारी नवल किशोर और मंच संचालन कर रहे वेद प्रकाश सहित कई लोग शामिल हुए। श्री कोसीकलां अग्रवाल सभा के पूर्व अध्यक्ष वेद प्रकाश गोयल भी बारात में मौजूद रहे। भगवान श्रीराम की भव्य बारात के दौरान नगर में उत्सव जैसा माहौल रहा। आकर्षक झांकियों, भजनों और श्रद्धालुओं के जयकारों ने आयोजन को विशेष बना दिया।