
भरुआ सुमेरपुर: महान क्रांतिकारी लाला हरदयाल की जयंती पर वर्णिता संस्था के तत्वावधान में उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। संस्था की ओर से ‘विमर्श विविधा’ के अंतर्गत ‘जिनका देश ऋणी है’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर संस्था अध्यक्ष डॉ. भवानीदीन ने लाला हरदयाल को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को याद किया। डॉ. भवानीदीन ने कहा कि देश की आजादी के संघर्ष में लाला हरदयाल का योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने अपने विचारों और प्रयासों से भारतीय युवाओं को स्वतंत्रता आंदोलन के लिए प्रेरित किया। उनका जीवन देश की स्वतंत्रता के लिए किए गए संघर्ष का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।
गदर पार्टी का गठन कर युवाओं को किया प्रेरित
लाला हरदयाल का जन्म 14 अक्टूबर 1884 को दिल्ली में हुआ था। वह मेधावी छात्र थे और उन्हें उच्च शिक्षा के लिए दो छात्रवृत्तियां मिली थीं। उन्होंने आगे चलकर स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्ष 1913 में उन्होंने अमेरिका में गदर पार्टी का गठन किया। इसके माध्यम से भारतीय युवाओं को देश की आजादी के संघर्ष के लिए प्रेरित किया। स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को याद करते हुए कार्यक्रम में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। लाला हरदयाल का निधन 4 मार्च 1939 को अमेरिका में हुआ था। जयंती के अवसर पर उपस्थित लोगों ने उनके जीवन और देश के लिए किए गए प्रयासों को याद किया। कार्यक्रम में अशोक अवस्थी, सिद्धा, बाबूलाल प्रजापति, महावीर प्रजापति, रामनारायण सोनकर, प्रेम, ऋचा, होरीलाल, नीलकंठ धुरिया, सतेंद्र और अखिलेश सहित अन्य लोग मौजूद रहे।