
भरुआ सुमेरपुर: ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत लगाए गए पेड़ों को दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन की व्यवस्था के लिए ध्वस्त किए जाने का मामला सामने आया है। रविवार को नगर पंचायत के बुलडोजर से पेड़ों को हटाए जाने पर पर्यावरण प्रेमियों ने नाराजगी जताई। उनका कहना है कि एक ओर पौधरोपण के जरिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर लगाए गए पेड़ों को ही नष्ट कर दिया गया। शासन के निर्देश पर इस वर्ष ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान चलाकर वृक्षारोपण कराया गया था। नगर पंचायत ने भी इस अभियान के तहत सैकड़ों वृक्ष लगाए थे। इनमें से ज्यादातर पौधों का रोपण एमआरएफ सेंटर के बगल में किया गया था। पौधरोपण के बाद इन पेड़ों के विकसित होने की उम्मीद थी, लेकिन शारदीय नवरात्र के दौरान स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन की व्यवस्था के बीच इन्हें हटाने की कार्रवाई की गई।
विसर्जन स्थल के लिए पेड़ों को हटाने पर जताया विरोध
प्रशासन की ओर से प्रतिमाओं के भू-विसर्जन के लिए इसी स्थान को चिन्हित किया गया। इसके बाद नगर पंचायत के बुलडोजर से वहां लगाए गए पेड़ों को ध्वस्त कर दिया गया। लहलहाते वृक्षों को इस तरह हटाए जाने से पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों में नाराजगी फैल गई। पर्यावरण प्रेमियों ने विरोध जताते हुए इस कार्रवाई पर सवाल उठाए। इस मामले में नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी (ईओ) ने पेड़ों को काटे जाने पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि पेड़ों को काटने का कष्ट है, लेकिन प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए व्यवस्था करना भी जरूरी है। ईओ ने बताया कि हटाए गए एक पेड़ के बदले तीन पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने शीघ्र ही पौधरोपण कराए जाने की बात कही। अब नगर पंचायत की ओर से तीन पौधे लगाने के लक्ष्य को पूरा करने की बात कही गई है। हालांकि, पेड़ों को ध्वस्त किए जाने की कार्रवाई से पर्यावरण प्रेमियों की नाराजगी सामने आई है।