नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में बड़े फैसले, किसानों से रियल एस्टेट तक कई अहम निर्णय

नोएडा: नोएडा प्राधिकरण की 223वीं बोर्ड बैठक में शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। सेक्टर-96 में प्राधिकरण के चेयरमैन दीपक कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में किसानों के मुआवजे, रुकी हुई रियल एस्टेट परियोजनाओं, औद्योगिक इकाइयों, कचरा प्रबंधन, पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय और न्यू नोएडा के विकास को लेकर कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में लंबे समय के लिए नागरिक सेवाओं को मजबूत करने और विभिन्न परियोजनाओं को गति देने पर भी निर्णय लिया गया।

किसानों को बढ़ा मुआवजा

बैठक में किसानों से आपसी समझौते के आधार पर जमीन खरीदने के लिए मुआवजा दर 6,459 रुपये प्रति वर्गमीटर तय की गई है। यह पूर्व में लागू दर के मुकाबले करीब 53 प्रतिशत की एकमुश्त बढ़ोतरी है। इसके साथ ही किसानों को 5 प्रतिशत विकसित आबादी भूखंड का लाभ देने पर भी सहमति बनी है। इस फैसले को जमीन अधिग्रहण और विकास परियोजनाओं से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। न्यू नोएडा के अलग-अलग फेस के लिए भी मुआवजे और आबादी भूखंड को लेकर व्यवस्था तय की गई है। फेस-1 और फेस-2 में ग्रेटर नोएडा के अनुरूप मुआवजा और आबादी भूखंड देने का फैसला हुआ है, जबकि फेस-3 और फेस-4 में यमुना प्राधिकरण के अनुरूप मुआवजा और आबादी भूखंड की व्यवस्था लागू की जाएगी।

रुकी परियोजनाओं पर भी फैसला

नोएडा प्राधिकरण की ओर से रुकी हुई रियल एस्टेट परियोजनाओं से बकाया राशि की वसूली की दिशा में हुई प्रगति भी बैठक में सामने आई। अब तक इन परियोजनाओं से 561.35 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है। इसके अलावा 23 आवंटियों को शेष 75 प्रतिशत राशि जमा करने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। संबंधित आवंटियों द्वारा राशि का भुगतान करने के बाद रजिस्ट्री की अनुमति दी जाएगी।

नागरिक सुविधाओं के लिए कॉर्पस फंड

बोर्ड ने दीर्घकालीन नागरिक सेवाओं के लिए कॉर्पस फंड स्थापित करने को भी मंजूरी दी। इस फंड का इस्तेमाल जलापूर्ति, सफाई और सार्वजनिक स्वास्थ्य जैसी नागरिक सेवाओं के अनुरक्षण में किया जाएगा। इसके जरिए भविष्य में इन आवश्यक सेवाओं को बनाए रखने के लिए वित्तीय व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। औद्योगिक इकाइयों से जुड़े मामलों में नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच एकरूपता लाने के लिए समिति गठित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है। यह समिति दोनों क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयों से संबंधित नीति को एक समान बनाने की दिशा में काम करेगी।

पुलिस कार्यालय के लिए जमीन

गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय के लिए सेक्टर-153 में करीब 13,347 वर्गमीटर जमीन आवंटित करने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा शहर में कचरा प्रबंधन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सेक्टर-145 में 100 टीपीडी क्षमता का वेस्ट-टू-एनर्जी और रिसोर्स रिकवरी प्लांट स्थापित करने का निर्णय हुआ है। सेक्टर-8 में करीब 8 एकड़ में मौजूद नर्सरी को भी आधुनिक और आत्मनिर्भर सुविधा के रूप में विकसित किया जाएगा। वहीं सहकारी आवासीय समितियों के वैध कब्जेदारों को त्रिपक्षीय उप-पट्टा दस्तावेज उपलब्ध कराने की नीति को भी बोर्ड ने मंजूरी दी है।

कुल मिलाकर नोएडा प्राधिकरण की इस बोर्ड बैठक में किसानों, आवंटियों और औद्योगिक इकाइयों से जुड़े मामलों के साथ-साथ नागरिक सुविधाओं और शहर के भविष्य के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। खास तौर पर किसानों के मुआवजे में बढ़ोतरी और न्यू नोएडा के अलग-अलग फेस के लिए मुआवजा व आबादी भूखंड की व्यवस्था को बैठक के प्रमुख फैसलों में शामिल किया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *