
नोएडा: नोएडा। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में नोएडा ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए 3 से 10 लाख की जनसंख्या श्रेणी में देशभर में 8वीं रैंक हासिल की है। पिछले वर्ष नोएडा इसी श्रेणी में 9वें स्थान पर रहा था। इस बार एक पायदान सुधार के साथ शहर ने 8वां स्थान प्राप्त किया है।
नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण (नोएडा प्राधिकरण) के अनुसार, यह उपलब्धि वायु गुणवत्ता सुधार की दिशा में किए जा रहे विभिन्न प्रयासों और नागरिकों की सहभागिता का परिणाम है। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में शहरों का मूल्यांकन वायु गुणवत्ता सुधार, सड़क की धूल पर नियंत्रण, कचरा प्रबंधन, हरित क्षेत्र के विकास और जनभागीदारी जैसे प्रमुख मानकों के आधार पर किया जाता है।
धूल नियंत्रण और हरित क्षेत्र पर जोर
नोएडा प्राधिकरण ने बताया कि वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए मुख्य मार्गों की मैकेनिकल स्वीपिंग कराई जा रही है। इसके अलावा अत्यधिक धूल वाले क्षेत्रों में एंटी-स्मॉग गन और वाटर स्प्रिंकलर के माध्यम से सड़क की धूल को नियंत्रित किया जा रहा है। प्राधिकरण के मुताबिक, स्वच्छ वायु सर्वेक्षण के मानकों को ध्यान में रखते हुए Anti-Smog Gun, Sprinklers और Mechanical Road Sweeping जैसी आधुनिक व्यवस्थाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है। साथ ही केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्धारित मानकों के अनुपालन का भी दावा किया गया है। नोएडा में हरित पट्टियों के विस्तार और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के साथ-साथ जागरूकता अभियानों और नागरिकों की भागीदारी पर भी जोर दिया जा रहा है। नोएडा प्राधिकरण ने कहा है कि आगामी वर्ष स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में पहली रैंक हासिल करने के लक्ष्य के साथ वायु गुणवत्ता सुधार से जुड़े सभी मानकों पर और प्रभावी तरीके से काम किया जाएगा।