
स्वास्थ्य: कमर दर्द आजकल एक आम समस्या बन गई है। लंबे समय तक बैठने, गलत तरीके से वजन उठाने और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण यह परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे में कमर दर्द से बचाव के लिए रोजमर्रा की गतिविधियों में सावधानी बरतना जरूरी है। फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. मोहित खरवार (PT) ने लोगों को कमर दर्द से बचने और इसे बढ़ने से रोकने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि कमर पर अनावश्यक दबाव डालने वाली गतिविधियों से बचना चाहिए और बैठने, उठने तथा सोने की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।
भारी वजन उठाने से बचें, दर्द बढ़ने पर लें सलाह
डॉ. मोहित खरवार के अनुसार, लोगों को भारी वजन उठाने से बचना चाहिए। यदि वजन उठाना जरूरी हो, तो कमर झुकाने के बजाय घुटनों को मोड़कर वजन उठाना चाहिए। इससे कमर पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने लंबे समय तक एक ही जगह बैठने या खड़े रहने से भी बचने की सलाह दी है। बैठते समय कमर को उचित सहारा देना जरूरी है, ताकि कमर पर अनावश्यक दबाव न पड़े। उन्होंने कहा कि अचानक झुकने या मुड़ने से कमर पर दबाव पड़ सकता है। इसलिए ऐसे काम या व्यायाम नहीं करने चाहिए, जिनसे दर्द बढ़ता हो। हालांकि, बहुत देर तक बिस्तर पर पड़े रहना भी उचित नहीं है। मरीज अपनी क्षमता के अनुसार हल्का-फुल्का चलते-फिरते रहें। सोते समय आरामदायक स्थिति अपनाने की सलाह दी गई है। डॉ. खरवार ने कहा कि कमर दर्द को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यदि दर्द लगातार बढ़ रहा हो, तो डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लेनी चाहिए। खासतौर पर यदि कमर का दर्द पैर तक पहुंच रहा हो, सुन्नपन या कमजोरी महसूस हो रही हो, तो तुरंत डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से संपर्क करना चाहिए।
उन्होंने यह भी बताया कि कुछ लक्षणों में बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। यदि पेशाब या मल पर नियंत्रण में परेशानी हो, पैरों में अचानक अधिक कमजोरी या सुन्नपन महसूस हो, अथवा दर्द बहुत तेज हो जाए, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। इन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कमर दर्द से बचाव के लिए रोजमर्रा की गतिविधियों में सावधानी बरतना जरूरी है। भारी वजन उठाने से बचना, लंबे समय तक एक ही जगह बैठने या खड़े रहने से बचना और बैठते समय कमर को उचित सहारा देना महत्वपूर्ण है। दर्द बढ़ने पर अपनी क्षमता के अनुसार गतिविधियां करते रहें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लें।