
हमीरपुर: जिले की राठ तहसील में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन युवा के पदाधिकारियों और किसानों ने धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान दो दर्जन से अधिक किसान धरने में शामिल हुए। किसानों ने अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम उपजिलाधिकारी चित्रा निर्वाल को 5 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। धरने के दौरान किसानों ने अतिवृष्टि और जलभराव के कारण बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा देने की मांग उठाई। किसानों का कहना है कि बारिश और जलभराव से फसलों को नुकसान हुआ है, ऐसे में प्रभावित किसानों को आर्थिक मदद मिलनी चाहिए। इसके अलावा फसल बीमा में कथित धांधली की जांच कराने की मांग भी की गई। किसानों ने कहा कि फसल बीमा योजना का लाभ वास्तविक रूप से प्रभावित किसानों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने बीमा प्रक्रिया में सामने आ रही कथित अनियमितताओं की जांच कराकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग रखी।
गोवंश, अवैध कब्जे और बिजली बिल का मुद्दा उठाया
भाकियू युवा के धरने में गांवों और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी कई अन्य समस्याएं भी उठाई गईं। किसानों ने गौशालाओं की व्यवस्था सुधारने और सड़कों पर घूम रहे गोवंश से निजात दिलाने की मांग की। किसानों का कहना है कि सड़कों पर घूम रहे गोवंश के कारण ग्रामीणों और वाहन चालकों को परेशानी होती है। साथ ही फसलों को भी नुकसान पहुंचने की समस्या बनी रहती है। किसानों ने तालाब, कुएं और चकरोड से अवैध कब्जे हटाने की मांग भी की। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक उपयोग की जमीनों पर कब्जे होने से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। किसानों ने संबंधित स्थानों से अवैध कब्जे हटाकर ग्रामीणों को राहत देने की मांग उठाई। इसके अलावा निजी नलकूपों के बिजली बिल माफ करने की मांग भी मांगपत्र में शामिल की गई। किसानों ने कहा कि सिंचाई से जुड़ी समस्याओं और बढ़ते खर्च के बीच बिजली बिल का मुद्दा उनके लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने निजी नलकूपों के बिजली बिल माफ करने की मांग प्रशासन के सामने रखी।
किसानों ने बिहूनी-जखेड़ी समेत कई गांवों में भूमि के लिए 30 लाख रुपये प्रति बीघा मुआवजा देने की मांग भी उठाई। किसानों का कहना है कि भूमि से जुड़े मामलों में उचित मुआवजा मिलना जरूरी है। उन्होंने मांग की कि संबंधित गांवों के किसानों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया जाए और उन्हें उचित राहत दी जाए। धरने के दौरान किसानों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। किसानों ने प्रशासन से मांग की कि 5 सूत्रीय मांगपत्र में उठाए गए सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार कर समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएं। भाकियू युवा के धरने और प्रदर्शन के बाद किसानों की मांगों को लेकर प्रशासन के सामने अब कई महत्वपूर्ण मुद्दे रखे गए हैं। किसानों को उम्मीद है कि उनकी समस्याओं पर जल्द सुनवाई होगी और संबंधित विभागों के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।