‘पुलिस से चूक हुई’, भरत तिवारी एनकाउंटर पर CM सम्राट चौधरी, छात्र प्रदर्शन में AK-47 फायरिंग पर भी बोले

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर कहा है कि इस घटना में पुलिस से चूक हुई थी। ‘पंचायत आजतक बिहार 2026’ के मंच पर मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना के 48 घंटे के भीतर न्यायिक कमिटी का गठन किया गया था। कमिटी की रिपोर्ट में पुलिस की चूक सामने आने के बाद दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई और कुछ लोगों को जेल भी भेजा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कानून-व्यवस्था को लेकर स्पष्ट नीति के तहत काम कर रही है। उनके मुताबिक अपराधी किसी भी जाति, धर्म या वर्ग से हो, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, यदि पुलिस की ओर से गलती होती है तो पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। भरत तिवारी मामले में न्यायिक जांच और उसके बाद कार्रवाई को उन्होंने इसी नीति का हिस्सा बताया। भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर मुख्यमंत्री से सवाल किया गया कि घटना के बाद युवाओं में जो नाराजगी और गुस्सा देखने को मिला था, क्या वह अब भी बना हुआ है। इसके जवाब में सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया और घटना के 48 घंटे के भीतर न्यायिक कमिटी गठित की गई। उन्होंने बताया कि कमिटी ने अपनी रिपोर्ट में पुलिस से चूक की बात कही, जिसके बाद सरकार ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की।

परिवार की मदद और दोषियों पर कार्रवाई की बात

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार ने भरत तिवारी के परिवार के साथ खड़े होने का भी काम किया है। उन्होंने परिवार को आर्थिक सहयोग देने की बात कही। साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की बात भी कही गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले में आगे की कार्रवाई न्यायालय के स्तर पर होगी और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री से यह भी पूछा गया कि पुलिस की ओर से गोली चलाने का आदेश किसने दिया और पूरा घटनाक्रम किस तरह हुआ। इस पर उन्होंने कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार की नीति दोहराते हुए कहा कि कोई भी अपराधी किसी भी वर्ग, जाति या धर्म का हो, वह पुलिस को चुनौती नहीं दे सकता। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस की गलती सामने आने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। भरत तिवारी मामले में न्यायिक जांच कराए जाने की बात पहले भी सामने आ चुकी है। जून में मुख्यमंत्री की ओर से भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में हुई पुलिस मुठभेड़ की स्वतंत्र जांच के लिए हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से न्यायिक जांच कराने की घोषणा की गई थी। मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कानून के राज को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि अपराध के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहनी चाहिए और दोषियों को समय पर सजा मिलनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि पुलिस को अपना काम करने की स्वतंत्रता दी जाएगी, लेकिन पुलिस की गलती को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

छात्र प्रदर्शन और AK-47 फायरिंग पर भी बोले CM

‘पंचायत आजतक बिहार 2026’ के दौरान छात्र आंदोलनों और प्रदर्शन के बीच AK-47 से फायरिंग के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री से सवाल किया गया। यह मामला परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर हुए छात्र प्रदर्शनों से जुड़ा है। जुलाई में सीवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान एक पुलिस जवान द्वारा AK-47 से फायरिंग का वीडियो सामने आया था। बाद में संबंधित जवान को निलंबित किए जाने की खबर सामने आई थी। इस घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग दावे भी सामने आए थे। एक ओर प्रदर्शन से जुड़े लोगों और विपक्षी नेताओं ने छात्रों पर गोली चलाने के आरोप लगाए, वहीं प्रशासन की ओर से कहा गया था कि जवान ने भीड़ से घिरने के बाद हवाई फायरिंग की थी और AK-47 की गोली से किसी के घायल होने की बात की पुष्टि नहीं हुई थी। मामले में घायलों को लेकर जांच जारी होने की जानकारी भी दी गई थी।

इसी संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं के साथ खड़ी है। उन्होंने बताया कि परीक्षा से जुड़े भ्रष्टाचार या गड़बड़ी के मामलों की जांच के लिए हाई कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में विशेष कमिटी बनाई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सम्राट चौधरी ने यह भी कहा कि परीक्षा में बार-बार गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़े कानूनी प्रावधानों का इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने गुंडा एक्ट के प्रावधानों का जिक्र करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति लगातार परीक्षा व्यवस्था को प्रभावित करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जरूरत है। छात्र प्रदर्शन और परीक्षा संबंधी विवाद के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर बिहार में राजनीतिक बहस भी हुई थी। अगस्त में राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल जवाब में छात्र प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बिगड़ने और पुलिस कार्रवाई से जुड़े अपने पक्ष को रखा था। सरकार ने कहा था कि अलग-अलग स्थानों पर स्थिति हिंसक होने के बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए गए। मुख्यमंत्री ने बातचीत के दौरान कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि सुशासन तभी स्थापित हो सकता है जब कानून का राज कायम हो और अपराधियों के खिलाफ समय पर कार्रवाई हो। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस को काम करने की आजादी देने का मतलब यह नहीं है कि पुलिस की गलती को नजरअंदाज किया जाएगा।

भरत तिवारी एनकाउंटर और छात्र प्रदर्शन में AK-47 फायरिंग जैसे दोनों मामलों पर मुख्यमंत्री के बयान में एक ओर अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही गई, वहीं दूसरी ओर पुलिस की गलती होने पर कार्रवाई किए जाने की बात भी दोहराई गई। भरत तिवारी मामले में उन्होंने न्यायिक कमिटी की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई का उल्लेख किया, जबकि छात्र प्रदर्शन के संदर्भ में परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ियों की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की बात कही। इस तरह ‘पंचायत आजतक बिहार 2026’ के मंच से सम्राट चौधरी ने कानून-व्यवस्था, पुलिस की जवाबदेही, भरत तिवारी एनकाउंटर और छात्र प्रदर्शन से जुड़े मुद्दों पर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि अपराध के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी, लेकिन पुलिस की ओर से गलती होने पर भी संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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