
हरिद्वार: नोएडा के बहुचर्चित निठारी कांड से जुड़े रहे सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शुक्रवार को भूपतवाला क्षेत्र में सप्त सरोवर रोड स्थित उसकी चाय की दुकान के अंदर उसका शव फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस की प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है, लेकिन मौत के वास्तविक कारण और परिस्थितियों को लेकर जांच अभी जारी है। जानकारी के मुताबिक, सुरेंद्र कोली पिछले कुछ समय से हरिद्वार में रह रहा था। उसने हाल ही में भूपतवाला क्षेत्र में सप्त सरोवर रोड पर चाय की दुकान शुरू की थी। बताया गया है कि इससे पहले वह रोशनाबाद में नाइट वॉचमैन के रूप में काम कर चुका था। हरिद्वार में रहने के दौरान वह ‘सदाराम’ नाम से रह रहा था। पुलिस को उसके सामान से सदाराम और सुरेंद्र कोली नाम के दो पहचान पत्र मिलने की जानकारी भी सामने आई है। शुक्रवार को उसकी चाय की दुकान के अंदर शव फंदे से लटका मिलने के बाद इलाके में इसकी सूचना पहुंची। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस फिलहाल घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। सुरेंद्र कोली का नाम नोएडा के निठारी कांड से जुड़े मामलों में सामने आया था। वह इन मामलों में आरोपी रहा था। निठारी कांड से जुड़े मामलों में लंबे समय तक कानूनी प्रक्रिया चली। वर्ष 2025 में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद संबंधित मामलों में वह बरी हो गया था। इसके बाद उसने सामान्य जीवन शुरू करने की कोशिश की और हरिद्वार में रहने लगा। हरिद्वार आने के बाद उसने चाय की दुकान शुरू की थी। बताया गया है कि वह इसी दुकान के अंदर रहता और काम करता था। इससे पहले रोशनाबाद में नाइट वॉचमैन के रूप में काम करने की जानकारी सामने आई है। उसकी पहचान को लेकर भी पुलिस को उसके सामान से दो अलग-अलग नामों के पहचान पत्र मिलने की बात सामने आई है।
मौत को लेकर परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
सुरेंद्र कोली की मौत के बाद निठारी कांड से जुड़े एक पीड़ित के परिजनों ने घटना को लेकर सवाल उठाए हैं। परिजनों की ओर से उसकी मौत को आत्महत्या मानने पर सवाल उठाते हुए हत्या की आशंका जताई गई है। उनका दावा है कि अगर सुरेंद्र कोली को आत्महत्या करनी होती तो वह जेल में ही ऐसा कर सकता था। पीड़ित के परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि सुरेंद्र कोली के पास निठारी मामले से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी हो सकती थी। उनका दावा है कि इसी वजह से उसकी हत्या की गई। हालांकि, परिजनों की ओर से लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी ओर, पुलिस की प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की आशंका जताई गई है। हालांकि पुलिस ने मौत के कारण को लेकर अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। पुलिस का कहना है कि घटना की पूरी जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस ने घटनास्थल की फोरेंसिक जांच कराई है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस इस रिपोर्ट के आधार पर भी आगे की जांच करेगी। घटनास्थल से किसी सुसाइड नोट के मिलने की जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में पुलिस के सामने मौत की परिस्थितियों को स्पष्ट करने के लिए घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों और अन्य पहलुओं की जांच करना अहम है। पुलिस यह भी देख रही है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और उससे पहले सुरेंद्र कोली की गतिविधियां कैसी थीं।
सुरेंद्र कोली की मौत के बाद निठारी कांड एक बार फिर चर्चा में आ गया है। लंबे समय तक कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा रहे कोली ने वर्ष 2025 में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद सामान्य जीवन में लौटने की कोशिश की थी। हरिद्वार में वह चाय की दुकान चला रहा था। इसी दौरान उसकी अचानक मौत की खबर सामने आई। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। प्रथम दृष्टया आत्महत्या की आशंका जताई गई है, लेकिन पुलिस के अनुसार मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। वहीं, निठारी कांड से जुड़े पीड़ित के परिजनों की ओर से हत्या की आशंका जताए जाने के बाद मामले में यह पहलू भी चर्चा में है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच के बाद ही सुरेंद्र कोली की मौत की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है।