
उत्तर प्रदेश: देश के अलग-अलग हिस्सों में सेवा संकल्प यात्रा के तहत सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। यात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर जल संरक्षण, वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, गौ सेवा और बुजुर्गों की सेवा जैसे कार्यों में सहभागिता की। अलग-अलग स्थानों पर आयोजित इन गतिविधियों के जरिए सेवा के संदेश को समाज के बीच पहुंचाने का प्रयास किया गयाआज देशभर में कुल 20 सेवा यात्राएं सक्रिय रहीं। इनमें मध्य प्रदेश में 11, राजस्थान में 5, महाराष्ट्र में 1 और उत्तर प्रदेश में 3 यात्राएं शामिल हैं। प्रत्येक यात्रा के दौरान स्थानीय स्तर पर लोगों के साथ संवाद और विभिन्न सेवा गतिविधियों में भागीदारी की गई। इसके जरिए सेवा को केवल संदेश तक सीमित न रखकर व्यवहार में उतारने पर जोर दिया गया। दिनभर कई स्थानों पर जल संरक्षण और वृक्षारोपण से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की गईं। इसके अलावा स्वच्छता अभियान, गौ सेवा और वृद्धाश्रमों में सेवा कार्य भी किए गए। कुछ स्थानों पर प्रतिभागियों ने अंगदान का संकल्प लेते हुए मृत्यु के बाद भी समाज के लिए योगदान देने का संदेश दिया।
लाभार्थियों से संवाद बना यात्रा का अहम हिस्सा
सेवा संकल्प यात्रा के दौरान जनप्रतिनिधियों, युवाओं और स्थानीय समुदायों के बीच संवाद भी हुआ। केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके, मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, सांसद शोभना बेन, शिवमंगल सिंह तोमर, राज्यसभा सांसद मुकेश राठवा और लोकसभा सांसद वीडी शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधियों ने अलग-अलग कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और सेवा यात्रियों का उत्साहवर्धन किया। यात्रा का एक प्रमुख हिस्सा लाभार्थी संवाद भी रहा। इसके माध्यम से सेवा यात्री उन लोगों से सीधे बातचीत कर रहे हैं, जिन्होंने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लिया है। लाभार्थियों से उनकी व्यक्तिगत कहानियां सुनकर यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि सरकारी योजनाओं का उनके जीवन पर किस तरह प्रभाव पड़ा। संवाद के दौरान लाभार्थियों ने जरूरत के समय मिली सहायता, जरूरी सेवाओं तक पहुंच और जीवन में आई सुरक्षा एवं सम्मान की भावना से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। इन बातचीत के जरिए योजनाओं का लाभ पाने वाले लोगों के व्यक्तिगत अनुभवों को समझने का अवसर भी मिला। भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हेमांग जोशी ने कहा कि सेवा संकल्प यात्रा केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने की यात्रा नहीं है, बल्कि यह सीखने, सेवा करने और समाज से जुड़ने का अवसर है। उनके अनुसार, जब कोई युवा पौधा लगाता है, किसी बुजुर्ग की सेवा करता है, गौ सेवा में भाग लेता है या किसी लाभार्थी की कहानी सुनता है, तो सेवा उसके लिए केवल एक विचार नहीं रहती, बल्कि व्यक्तिगत अनुभव बन जाती है।
उन्होंने कहा कि लाभार्थी संवाद के दौरान सामने आ रही कहानियां जनसेवा के महत्व को समझने का अवसर देती हैं। उनके मुताबिक, लोगों के जीवन को समझना और उनकी प्रगति की यात्रा में उनके साथ खड़ा होना ही जनसेवा की भावना को मजबूत करता है। सेवा संकल्प यात्रा के तहत आयोजित गतिविधियों में युवाओं की भागीदारी को भी प्रमुखता दी गई। सेवा कार्यों के माध्यम से उन्हें सामाजिक जिम्मेदारी को प्रत्यक्ष रूप से समझने और उसका अनुभव करने का अवसर मिल रहा है। अलग-अलग क्षेत्रों में स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर किए जा रहे कार्यों से युवाओं और समाज के बीच जुड़ाव बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। यात्रा के विभिन्न पड़ावों पर सेवा, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण से जुड़े संदेश को सामने रखा गया। वृक्षारोपण, जल संरक्षण, स्वच्छता, गौ सेवा, बुजुर्गों की सेवा और लाभार्थियों से संवाद जैसी गतिविधियों के जरिए सेवा को व्यवहारिक रूप देने पर जोर दिया गया। इस तरह सेवा संकल्प यात्रा के प्रत्येक पड़ाव को सामाजिक सहभागिता और सेवा कार्य के अवसर के रूप में आयोजित किया गया।