
सरीला (हमीरपुर): क्षेत्र में पिछले करीब 36 घंटे से तेज हवाओं के साथ लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। लगातार बारिश के कारण विरमा नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ गया है। नदी पर बने रपटों के ऊपर से तेज बहाव के साथ पानी गुजरने लगा है, जिसके चलते नदी के दूसरी ओर आने-जाने का रास्ता बाधित हो गया है। नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी पार रहने वाले ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हुई है। ग्रामीण अपनी खेती-बाड़ी देखने के लिए भी दूसरी ओर नहीं जा पा रहे हैं। क्षेत्र में लगातार बारिश जारी रहने के कारण हालात और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। तहसील क्षेत्र के बंडवा, उपरहका, बिलगांव और कुपरा समेत कई स्थानों पर बने रपटों के ऊपर से पानी बह रहा है। तेज बहाव के कारण इन रास्तों से आवागमन करना मुश्किल हो गया है। नदी के बढ़े जलस्तर ने ग्रामीणों की रोजमर्रा की आवाजाही पर भी असर डाला है।
बिलगांव में श्मशान घाट और गौशाला मार्ग पर जलभराव
बिलगांव में श्मशान घाट और गौशाला की ओर जाने वाले रास्ते पर भी पानी भर गया है। गौशाला मार्ग पर जलभराव होने से वहां संरक्षित मवेशियों को लेकर ग्रामीणों में चिंता है। बारिश लगातार जारी रहने की स्थिति में जलस्तर और बढ़ने की आशंका के चलते ग्रामीण स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। विरमा नदी का जलस्तर बढ़ने की सूचना मिलने पर एसडीएम विकास कुमार यादव बिलगांव पहुंचे। उन्होंने मौके पर जाकर नदी के जलस्तर और रपटों की स्थिति का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में बारिश के कारण उत्पन्न स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों की आवाजाही को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। ग्रामीणों की सुविधा को देखते हुए एसडीएम ने नदी के दूसरी ओर आने-जाने के लिए नाव चलवाने के निर्देश ग्राम प्रधान और सचिव को दिए। उन्होंने बताया कि अत्यधिक बारिश के कारण रपटों के ऊपर से पानी बह रहा है, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है। लोगों की सुविधा के लिए नाव की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए गए हैं।
एसडीएम ने ग्रामीणों से नदी के तटबंध और तेज बहाव वाले स्थानों से दूर रहने की अपील भी की है। प्रशासन की ओर से लोगों को सावधानी बरतने और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में जोखिम वाले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है। लगातार बारिश के बीच विरमा नदी का जलस्तर बढ़ने और रपटों के ऊपर पानी बहने से क्षेत्र के कई हिस्सों में आवागमन प्रभावित है। प्रशासन की ओर से नाव की व्यवस्था के निर्देश दिए जाने के बाद ग्रामीणों को नदी पार आने-जाने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।