
मथुरा: छाता चीनी मिल को चालू कराने की मांग को लेकर चल रहे धरने के 59वें दिन नगर पंचायत प्रतिनिधि पदम फौजी धरनास्थल पर पहुंचे। बरसाना के पदम फौजी ने किसानों को संबोधित करते हुए विश्वास जताया कि छाता चीनी मिल जरूर चलेगी। उन्होंने कहा कि किसान पिछले 59 दिनों से धरने पर बैठे हैं और अब उनके पास अपनी मांग को लेकर लखनऊ जाने का विकल्प ही ब्रह्मास्त्र के रूप में बचा है। पदम फौजी ने कहा कि किसान पूरी तरह अनुशासन के साथ और अनुमति लेकर लखनऊ जाएंगे। उन्होंने धरने को साफ-सुथरा आंदोलन बताते हुए कहा कि यहां किसानों का संघर्ष अपनी मांग को लेकर चल रहा है। उन्होंने कहा कि आंदोलन से जुड़े लोगों के बीच किसी तरह की दूसरी बातों को लेकर किसानों को कोई लेना-देना नहीं है।
पूर्व सैनिकों की प्रेस वार्ता पर उठाए सवाल
पदम फौजी ने हाल में प्रेस वार्ता करने वाले अपने पूर्व सैनिक साथियों के बारे में भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें धरने या आंदोलन से जुड़े किसी व्यक्ति को लेकर कोई आपत्ति थी, तो उन्हें इसी धरनास्थल पर आकर जनता के सामने अपनी बात रखनी चाहिए थी। उन्होंने सवाल किया कि जब यहां आंदोलन का मंच मौजूद है, तो दूसरी जगह जाकर प्रेस वार्ता करने की क्या जरूरत थी। उन्होंने कहा कि यदि किसी को ललित कर्मयोगी के बारे में कोई शिकायत या आपत्ति थी, तो उसे भी इसी मंच से किसानों और जनता के सामने उठाया जाना चाहिए था। पदम फौजी के मुताबिक, यदि कोई बात थी तो उसे धरनास्थल पर ही स्पष्ट करना चाहिए था, न कि कहीं और जाकर प्रेस वार्ता करनी चाहिए थी।
धरनास्थल को लेकर अपनी भावना व्यक्त करते हुए पदम फौजी ने कहा कि यह भूमि अब पवित्र बन चुकी है। उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर लोगों के लगातार पैर पड़ते हैं, वहां करंट पैदा होने जैसा एहसास होता है। उन्होंने अपने संबोधन में यह भी कहा कि गलत मंशा रखने वाला व्यक्ति इस जगह पर टिक नहीं पाएगा और ज्यादा बोल भी नहीं पाएगा। पदम फौजी ने प्रेस वार्ता करने वाले अपने पूर्व सैनिक साथियों से कहा कि आंदोलन अब अंतिम पड़ाव पर पहुंच रहा है। ऐसे समय में जो बातें हैं, उन पर बाद में भी चर्चा की जा सकती थी। उन्होंने संकेत दिया कि इस समय किसानों की मांग और आंदोलन को आगे बढ़ाना अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने दोहराया कि छाता चीनी मिल को चालू कराने की मांग को लेकर किसानों का धरना जारी है और उन्हें पूरा विश्वास है कि चीनी मिल जरूर चलेगी।