
नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट से जंतर-मंतर तक मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की और चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी अपनी आपत्तियां सामने रखीं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मार्च युवा संगठनों की ओर से किए जा रहे व्यापक प्रदर्शन का हिस्सा था। इसमें शामिल वकीलों ने SIR प्रक्रिया को लेकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसी मांग को लेकर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से जंतर-मंतर तक मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया।
SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग की भूमिका पर उठाए सवाल
विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का मुद्दा चुनावी मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने इसी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर चिंता जताई और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। मार्च के जरिए उन्होंने इस विषय पर संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़े सवाल उठाए। सुप्रीम कोर्ट से जंतर-मंतर तक निकाले गए मार्च के माध्यम से उन्होंने अपनी मांगों को सार्वजनिक रूप से सामने रखा। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए आरोपों के समर्थन में विस्तृत तथ्य या दस्तावेजों का उल्लेख नहीं है।
यह मार्च ऐसे समय में हुआ, जब SIR प्रक्रिया को लेकर विरोध जताने वाले समूह अपनी आपत्तियों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। वकीलों के इस मार्च में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग प्रमुख रही। हालांकि, इस प्रदर्शन में शामिल वकीलों की वास्तविक संख्या की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। वहीं, लगाए गए आरोपों और इस्तीफे की मांग पर चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया भी उपलब्ध जानकारी में सामने नहीं आई है। ऐसे में मामले से जुड़े सभी पक्षों की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।