
मथुरा धाम: वृंदावन स्थित श्री हरिदास बगीची शांतिनी कुंज और श्री पुलीन बिहारी मंदिर की गौशाला की जमीन पर कथित अवैध कब्जे और प्लॉटिंग का मामला सामने आया है। आश्रम के महंत पूज्य श्री छैलबिहारी दास जी महाराज ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मथुरा को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच, सख्त कानूनी कार्रवाई और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। शिकायत पत्र के अनुसार, महंत छैलबिहारी दास जी महाराज पिछले 25 वर्षों से आश्रम और गौशाला का संरक्षण कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पानीगांव, तहसील मांट निवासी अंजू और उनके भाई बन्टू, पुत्रगण स्वर्गीय भूछी प्रधान, अपने सहयोगियों भीष्म बॉस और अमित जाट के साथ मिलकर आश्रम के बगीचे और गौशाला की जमीन पर अवैध कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। महंत का आरोप है कि हरे-भरे बगीचे को उजाड़कर वहां प्लॉटिंग की जा रही है और जमीन को बेचने की कोशिश की जा रही है।
विरोध करने पर धमकी देने का आरोप
महंत छैलबिहारी दास जी महाराज के मुताबिक, जब भी कथित कब्जे का विरोध किया जाता है, तो आरोपी मारपीट पर आमादा हो जाते हैं और जान से मारने की धमकी देते हैं। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी पानीगांव पुलिस चौकी में अपना प्रभाव होने की बात कहते हैं और दावा करते हैं कि इलाके में उनके डर के कारण कोई उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं करा सकता। शिकायत पत्र में 16 जुलाई की एक घटना का भी उल्लेख किया गया है। आरोप है कि इस दिन बन्टू अपने साथियों के साथ आश्रम परिसर में पहुंचा और गाली-गलौज करते हुए हंगामा किया। महंत का कहना है कि शिकायत देने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। सूचना मिलने पर 112 नंबर की पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन आरोप के अनुसार पुलिस के सामने भी हंगामा जारी रहा। शिकायतकर्ता का दावा है कि पुलिस के जाने के बाद आरोपी दोबारा आश्रम पहुंचे और फिर से हंगामा किया। महंत ने घटना से जुड़े वीडियो साक्ष्य और प्रत्यक्षदर्शी गवाह होने की बात भी कही है।
महंत के अनुसार, इस मामले में पहले भी शिकायतें की जा चुकी हैं। शिकायत पत्र में बताया गया है कि 1 जून को पानीगांव पुलिस चौकी और 4 जून को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई गई थी। हालांकि, उनका आरोप है कि इन शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। महंत ने पुलिस की कथित शिथिलता पर सवाल उठाते हुए कहा कि कार्रवाई नहीं होने से आरोपियों के हौसले बढ़ रहे हैं।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित लोग पहले भी सरकारी और गौचर भूमि की कथित अवैध बिक्री के मामलों में शामिल रहे हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हुई है। महंत छैलबिहारी दास जी महाराज ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने आश्रम, मंदिर और गौशाला की जमीन को कथित अवैध कब्जे और प्लॉटिंग से मुक्त कराने तथा स्वयं और आश्रम से जुड़े लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।