
वृंदावन: प्रख्यात भागवत प्रवक्ता छबीले लाल गोस्वामी महाराज का निकुंज प्रवेश महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। सभी ने महाराज श्री के आध्यात्मिक व्यक्तित्व, भागवत कथा के प्रति उनके समर्पण और धार्मिक क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया। पूरे आयोजन में गुरु के प्रति श्रद्धा और भक्ति का भाव दिखाई दिया। महोत्सव का शुभारंभ सुबह महाराज श्री की चरण पादुकाओं के पूजन से हुआ। धार्मिक परंपराओं के अनुसार पंचामृत से चरण पादुकाओं का अभिषेक किया गया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद विशेष आरती का आयोजन हुआ, जिसमें उपस्थित श्रद्धालुओं ने भाग लेकर महाराज श्री के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
प्रथमेश लाल गोस्वामी ने साझा किए जीवन के प्रसंग
कार्यक्रम के दौरान महाराज श्री के पुत्र प्रथमेश लाल गोस्वामी ने उनके जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंग साझा किए। उन्होंने महाराज श्री के आध्यात्मिक व्यक्तित्व, भागवत कथा के प्रति समर्पण और धार्मिक क्षेत्र में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। साथ ही उनके जीवन और विचारों से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। उनके वक्तव्य के माध्यम से श्रद्धालुओं को महाराज श्री के जीवन से जुड़े प्रसंगों को याद करने का अवसर मिला।
महोत्सव में भजन संध्या का भी आयोजन किया गया। इसमें भक्ति गीतों और भजनों के माध्यम से भगवान श्रीराधा-कृष्ण की महिमा का गुणगान किया गया। भजनों की स्वर लहरियों के बीच श्रद्धालु भक्तिरस में डूबे नजर आए। भक्तों ने महाराज श्री के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनके प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। भक्तों ने इस धार्मिक आयोजन में शामिल होने को सौभाग्यपूर्ण बताया। इस प्रकार छबीले लाल गोस्वामी महाराज का निकुंज प्रवेश महोत्सव पूजा-अर्चना, आरती, भजन और श्रद्धापूर्ण स्मरण के साथ संपन्न हुआ।