नीला ड्रम हत्याकांड में मुस्कान और साहिल को फांसी, पति सौरभ की हत्या में कोर्ट का बड़ा फैसला

मेरठ: देशभर में सुर्खियों में रहे बहुचर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में मेरठ की जिला अदालत ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को पति सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में मृत्युदंड की सजा दी है। जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने दोनों आरोपियों को हत्या, साजिश और साक्ष्य छिपाने के मामले में दोषी ठहराया था। 30 सितंबर को दोषी करार दिए जाने के बाद बुधवार को दोनों की सजा का ऐलान किया गया। इस मामले ने उस समय पूरे देश का ध्यान खींचा था, जब सौरभ राजपूत की हत्या और उसके शव को नीले ड्रम में छिपाने का मामला सामने आया। पुलिस जांच में हत्या से जुड़े कई गंभीर तथ्य सामने आए थे। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य और गवाहों के बयान पेश किए, जिसके आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी माना।

नशीली दवा देकर हत्या और नीले ड्रम में छिपाया शव

अभियोजन के अनुसार, 3 मार्च 2025 को मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला ने सौरभ राजपूत की हत्या की थी। पुलिस जांच में सामने आया कि सौरभ को नशीली दवा देकर बेहोश किया गया और इसके बाद उसकी हत्या कर दी गई। आरोप है कि हत्या के बाद शव के टुकड़े किए गए और उन्हें नीले ड्रम में रखकर सीमेंट भर दिया गया, ताकि शव को छिपाया जा सके। मामले का खुलासा होने के बाद यह वारदात देशभर में चर्चा का विषय बन गई। जांच के दौरान पुलिस ने हत्या से जुड़े घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने के लिए विभिन्न साक्ष्य जुटाए। जांच में यह बात भी सामने आई कि हत्या के बाद दोनों आरोपी शिमला-मनाली गए थे।

पुलिस ने मामले में परिस्थितिजन्य, इलेक्ट्रॉनिक और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से 22 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। करीब 126 पेशियों के बाद मामले की सुनवाई निर्णायक चरण तक पहुंची। 30 सितंबर को अदालत ने मुस्कान और साहिल को हत्या, साजिश और साक्ष्य छिपाने के मामले में दोषी करार दिया था। इसके बाद बुधवार को अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए दोनों को मृत्युदंड की सजा सुनाई। नीला ड्रम हत्याकांड में अदालत के इस फैसले को मामले की सुनवाई का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। सौरभ राजपूत की हत्या और शव को छिपाने की घटना ने लोगों को झकझोर दिया था। अब दोनों दोषियों को सुनाई गई फांसी की सजा के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में है।

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