
ग्रेटर नोएडा: श्री रामलीला कमेटी ग्रेटर नोएडा की ओर से साइट-4 में आयोजित विजयमहोत्सव 2025 में सीता स्वयंवर और भगवान श्रीराम-सीता विवाह की लीला का भव्य मंचन किया गया। इस दौरान 50 फीट लंबे धनुष को 55 फीट की ऊंचाई पर तोड़ने का दृश्य आकर्षण का केंद्र रहा। धनुष टूटते ही रामलीला मैदान तालियों और भगवान श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। इसके बाद सीता जी ने श्रीराम को जयमाला पहनाई और फिर श्रीराम ने भी सीता जी को जयमाला पहनाई। इस अवसर पर बधाई गीत गाए गए।
सीता स्वयंवर से लेकर चारों भाइयों के विवाह तक का हुआ मंचन
रामलीला की शुरुआत गणेश वंदना से हुई। कमेटी के अध्यक्ष सरदार मंजीत सिंह ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शामली के जिला एवं सत्र न्यायाधीश इन्दर प्रीत सिंह जोश रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में भारतीय महिला वॉलीबॉल टीम की पूर्व कप्तान एवं भाजपा नेत्री निर्मल तंवर भाटी और स्वामी हर्षानंद गिरि महाराज उपस्थित रहे। अतिथियों और अन्य गणमान्य लोगों ने दीप प्रज्ज्वलित कर लीला मंचन का शुभारंभ किया। कमेटी के महासचिव विजेंद्र सिंह आर्य ने बताया कि सीता स्वयंवर की लीला में जनकपुरी में देश-विदेश के राजा पहुंचे। राजा जनक की प्रतिज्ञा के अनुसार सभी राजाओं ने धनुष उठाने का प्रयास किया, लेकिन कोई भी इसमें सफल नहीं हुआ। राजाओं की असफलता से निराश होकर राजा जनक ने कुछ कटु वचन कहे, जिससे लक्ष्मण जी क्रोधित हो गए। इसके बाद श्रीराम ने लक्ष्मण जी को शांत कराया। गुरु विश्वामित्र की आज्ञा मिलने पर श्रीराम ने धनुष उठाया और उनके उठाते ही वह टूट गया। धर्मपाल प्रधान ने बताया कि 50 फीट का धनुष 55 फीट की ऊंचाई पर टूटा। इस दृश्य को देखकर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं और पूरा रामलीला मैदान भगवान श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
धनुष टूटने के बाद परशुराम जी के आगमन और परशुराम-लक्ष्मण संवाद का मंचन किया गया। इसके बाद श्रीराम ने परशुराम जी को शांत कराया। संयुक्त महासचिव सौरभ बंसल ने बताया कि आगे अयोध्या से जनकपुरी में बारात पहुंची और चारों भाइयों के विवाह की लीला संपन्न हुई। कोषाध्यक्ष मनोज गर्ग ने बताया कि चारों भाइयों के विवाह के बाद अयोध्या में खुशियों का माहौल छा गया। तीनों रानियों ने चारों बहुओं की आरती उतारकर उनका स्वागत किया। कमेटी के मीडिया प्रभारी विनोद कसाना ने बताया कि अगले दिन की लीला में राज्याभिषेक की घोषणा, मंथरा-कैकयी संवाद, श्रवण वध, दशरथ मरण, राम वनवास, गुहराज से भेंट और राम-केवट संवाद सहित अन्य प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। इस अवसर पर अध्यक्ष सरदार मंजीत सिंह, धर्मपाल प्रधान, विजेंद्र सिंह आर्य, मनोज गर्ग, सौरभ बंसल, विनोद कसाना, कुलदीप शर्मा, मुकेश शर्मा, हरेंद्र भाटी, केके शर्मा, मुकुल गोयल, सुभाष चंदेल, अमित गोयल, अतुल जिंदल, गिरीश जिंदल, कमल सिंह आर्य, अनिल कसाना, सुनील प्रधान, श्यामवीर भाटी, मनोज यादव, अनुज उपाध्याय, अरुण गुप्ता, अंकुर गर्ग, अतुल जैन, मोनू अग्रवाल, विकास, रिंकू, दीपक, राहुल नंबरदार सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।