
मथुरा: मेरठ के चर्चित सौरभ हत्याकांड में मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को मृत्युदंड सुनाए जाने के बाद मथुरा जिला जेल एक बार फिर सुर्खियों में है। उत्तर प्रदेश में महिलाओं को फांसी देने के लिए निर्धारित फांसीघर इसी जेल परिसर में मौजूद है। हालांकि, आजादी के बाद यहां किसी महिला को फांसी दिए जाने का मामला सामने नहीं आया है। जेल प्रशासन के मुताबिक, मुस्कान को फांसी दिए जाने के संबंध में अभी कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है।
ब्रिटिश शासनकाल में बना था महिला फांसीघर
मथुरा जिला जेल परिसर में बना महिला फांसीघर बैरकों से अलग एकांत स्थान पर स्थित है। बताया जाता है कि इसका निर्माण ब्रिटिश शासनकाल में करीब 155 वर्ष पहले हुआ था। महिला फांसीघर की चर्चा पहले भी अमरोहा के चर्चित हत्याकांड की दोषी शबनम के मामले में हुई थी। परिवार के सात सदस्यों की हत्या के मामले में शबनम को मृत्युदंड सुनाया गया था। उसकी दया याचिका खारिज होने के बाद फांसीघर की व्यवस्था दुरुस्त कराई गई थी, लेकिन अब तक उसे फांसी नहीं दी गई है। शबनम फिलहाल रामपुर जेल में बंद है। मेरठ के सौरभ हत्याकांड में मार्च 2025 में हत्या के बाद शव के टुकड़ों को नीले ड्रम में छिपाने का मामला सामने आया था। इस मामले में अदालत ने सुनवाई के बाद मुस्कान और साहिल को मृत्युदंड सुनाया। हालांकि, सजा पर अमल करने से पहले हाईकोर्ट से इसकी पुष्टि और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करना जरूरी है। मथुरा जिला जेल के अधीक्षक अंशुमन गर्ग के मुताबिक, मुस्कान को लेकर फिलहाल कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि नियमानुसार ब्लैक वारंट जारी होने और आधिकारिक सूचना मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में अभी मथुरा जेल में मुस्कान को फांसी दिए जाने की प्रक्रिया शुरू होने की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है।