
मथुरा: गोवर्धन क्षेत्र की ग्राम पंचायत आन्यौर में प्राचीन शुद्ध बिहारी मंदिर के पुनर्निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों का सर्वजातीय धरना लगातार जारी है। मंदिर के क्षतिग्रस्त होने के बाद ग्रामीण इसके दोबारा निर्माण की मांग उठा रहे हैं। इस प्रदर्शन में विभिन्न जातियों और वर्गों के लोग एकजुट होकर शामिल हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर उनकी आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है और इसके पुनर्निर्माण के लिए जल्द ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। प्रदर्शन स्थल पर बैनर लगाकर ग्रामीणों ने अपनी मांगों को प्रमुखता से सामने रखा है। धरने के माध्यम से जिला प्रशासन का ध्यान मंदिर के पुनर्निर्माण और धार्मिक स्थल की सुरक्षा की ओर आकर्षित किया जा रहा है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से अपील की है कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए और मंदिर निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू कराई जाए।
चार सूत्रीय मांगों को लेकर धरने पर डटे ग्रामीण
ग्रामीणों ने मंदिर के पुनर्निर्माण को लेकर चार सूत्रीय मांगें रखी हैं। इनमें प्राचीन शुद्ध बिहारी मंदिर का शीघ्र पुनर्निर्माण, निर्माण कार्य के लिए शासन-प्रशासन से सरकारी सहायता, मंदिर की भूमि की सुरक्षा और मंदिर से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को जल्द पूरा करना शामिल है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मंदिर के क्षतिग्रस्त होने के बाद उसके पुनर्निर्माण की जरूरत है। इसके लिए प्रशासन की ओर से ठोस पहल की जानी चाहिए। ग्रामीण चाहते हैं कि मंदिर निर्माण के लिए आवश्यक सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि पुनर्निर्माण का काम आगे बढ़ सके। इसके साथ ही उन्होंने मंदिर की भूमि को सुरक्षित रखने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि धार्मिक स्थल से जुड़ी जमीन और व्यवस्थाओं की सुरक्षा पर ध्यान देना जरूरी है। ग्रामीणों ने अपनी चारों मांगों को पूरा करने के लिए प्रशासन से जल्द कार्रवाई करने की अपील की है। धरने में ग्राम पंचायत आन्यौर के विभिन्न जातियों और वर्गों के लोग शामिल हैं। ग्रामीणों की एकजुटता के बीच प्रदर्शन लगातार जारी है। उन्होंने साफ कहा है कि जब तक प्राचीन शुद्ध बिहारी मंदिर का निर्माण कार्य शुरू नहीं होता, तब तक उनका धरना समाप्त नहीं होगा। फिलहाल, प्रशासन की ओर से इस मामले में किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी उपलब्ध नहीं है।