
मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 19 अक्टूबर को भारी बिकवाली देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दिन के निचले स्तर पर पहुंच गए। बाजार में गिरावट के पीछे बैंकिंग शेयरों में कमजोरी, वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेत और निवेशकों की बढ़ती चिंता जैसे कारण रहे। एचडीएफसी बैंक के शेयर में करीब 2 प्रतिशत की गिरावट ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया। दोपहर 2:22 बजे तक बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण में करीब 4.97 लाख करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई। शुक्रवार, 16 अक्टूबर को इन कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 4,73,46,932.13 करोड़ रुपये था, जो सोमवार को घटकर 4,68,50,296.51 करोड़ रुपये रह गया। इस गिरावट से निवेशकों की बाजार में मौजूद संपत्ति के मूल्य पर बड़ा असर पड़ा।
बैंकिंग शेयरों में कमजोरी से बढ़ा दबाव
एचडीएफसी बैंक का शेयर करीब 2 प्रतिशत टूटकर निफ्टी 50 के प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहा। बैंक के दूसरी तिमाही के नतीजों के बाद नेट इंटरेस्ट मार्जिन (एनआईएम) पर दबाव और कमाई की धीमी बढ़त को लेकर चिंताएं बढ़ीं। इसका असर बैंकिंग क्षेत्र के अन्य शेयरों पर भी देखने को मिला और बैंक निफ्टी करीब 0.5 प्रतिशत गिर गया। बाजार में कमजोरी का एक कारण एशियाई और अमेरिकी बाजारों से मिले संकेत भी रहे। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जुड़ी कंपनियों में भारी निवेश को लेकर चिंता के बीच टेक शेयरों में बिकवाली हुई। एशियाई बाजारों में एमएससीआई इंडेक्स 0.5 प्रतिशत गिरा। इससे पहले शुक्रवार को अमेरिकी बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए थे। नैस्डैक में 2.19 प्रतिशत, एसएंडपी 500 में 1.22 प्रतिशत और डाउ जोन्स में 0.55 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई। सोमवार को ब्रेंट क्रूड का भाव 1.5 प्रतिशत गिरकर 108.27 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई 0.6 प्रतिशत फिसलकर 100.83 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। हालांकि, कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई थीं और भू-राजनीतिक तनाव के कारण आगे के रुख को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। बाजार में बढ़ती अस्थिरता का संकेत इंडिया वीआईएक्स में भी दिखाई दिया। यह करीब 4 प्रतिशत बढ़कर 14.52 पर पहुंच गया। इंडिया वीआईएक्स में तेजी आम तौर पर बाजार में निवेशकों की बढ़ती आशंका और उतार-चढ़ाव की संभावना को दर्शाती है। हालांकि, बाजार के आगे के रुख को लेकर कुछ सकारात्मक संकेत भी बताए गए। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के आनंद जेम्स के मुताबिक, निफ्टी का 20-दिवसीय सरल मूविंग एवरेज (एसएमए) से ऊपर बंद होना टिकाऊ तेजी की उम्मीद दिखाता है। उनके अनुसार, निफ्टी के 22,780 के स्तर से नीचे नहीं जाने तक 23,600 का स्तर छूने की संभावना बनी रह सकती है। यह बाजार के संभावित रुख को लेकर उनका आकलन है, न कि किसी निश्चित तेजी की गारंटी।