
राजस्थान: राजस्थान में सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों की एंट्री और फोटो-वीडियोग्राफी पर सरकार की सख्ती के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने एक और सरकारी स्कूल का निरीक्षण किया है। जयपुर के बाद अब संगठन की टीम झुंझुनू जिले के पोंख गांव पहुंची और यहां महात्मा गांधी स्कूल की स्थिति का जायजा लिया। टीम ने स्कूल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो स्थानीय लोगों के साथ आंदोलन किया जाएगा।
लोगों के बुलावे पर स्कूल पहुंची टीम
CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका के मुताबिक, क्षेत्र के लोगों ने स्कूल की स्थिति को लेकर संगठन से संपर्क किया था। इसके बाद टीम पोंख गांव स्थित महात्मा गांधी स्कूल पहुंची। इससे पहले रविवार को CJP की टीम ने जयपुर के कुछ सरकारी स्कूलों का भी निरीक्षण किया था। टीम का कहना है कि यह स्कूल वर्ष 1952 में शुरू हुआ था और कभी यहां 800 से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ते थे। स्कूल से कई प्रशासनिक अधिकारी और दूसरी प्रतिभाएं भी निकल चुकी हैं। हालांकि, मौजूदा समय में यहां छात्रों की संख्या 200 से भी कम रह गई है।
स्कूल की हालत देखकर उठाए सवाल
निरीक्षण के दौरान CJP ने स्कूल की मौजूदा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए। टीम के दावे के अनुसार, स्कूल की इमारत जर्जर हालत में है। शौचालयों में सफाई व्यवस्था खराब है और बाउंड्री वॉल कई जगह से टूटी हुई है। इसके अलावा खेल के मैदान में बड़े गड्ढे होने और पानी की टंकी में जंग लगने की बात भी टीम की ओर से कही गई। CJP का आरोप है कि जिस स्कूल में कभी बड़ी संख्या में बच्चे पढ़ते थे, उसकी मौजूदा स्थिति पर सरकार को ध्यान देना चाहिए।
शिक्षा मंत्री से CJP ने पूछा सवाल
CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने स्कूल की हालत को लेकर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मंत्री अपने परिवार के बच्चों को ऐसी परिस्थितियों वाले सरकारी स्कूल में पढ़ाना पसंद करेंगे। रांका ने कहा कि सरकार को स्कूल की समस्याओं का जल्द समाधान करना चाहिए। उनका कहना है कि CJP की टीम दोबारा भी इस स्कूल का निरीक्षण करेगी और उस समय व्यवस्थाओं में हुए बदलाव को देखा जाएगा।
सुधार नहीं हुआ तो बेमियादी धरने की चेतावनी
CJP ने साफ किया है कि अगर अगले निरीक्षण तक स्कूल की स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो संगठन स्थानीय लोगों के साथ मिलकर बेमियादी धरना शुरू करेगा। रांका ने सरकारी स्कूलों की ऐसी स्थिति को लेकर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की। वहीं, सरकारी स्कूलों में बिना अनुमति प्रवेश और फोटो-वीडियोग्राफी पर सरकार की रोक के बावजूद CJP के लगातार निरीक्षण से आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है।