
उत्तर प्रदेश: बस्ती में स्कूल जाने के लिए खराब रास्ते से परेशान स्कूली बच्चियां आखिरकार अपनी समस्या लेकर डीएम कार्यालय पहुंच गईं। बच्चियों के साथ उनके अभिभावक भी मौजूद थे। करीब दो घंटे तक डीएम से मिलने का इंतजार करने के बाद भी मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद डीएम ने एसडीएम शत्रुघ्न पाठक को बच्चों से मिलने के लिए भेजा। एसडीएम ने उनकी बात सुनी और जल्द सड़क ठीक कराने का आश्वासन दिया।
अधूरी सड़क बनी परेशानी की वजह
मामला गौर विकासखंड की पकड़ी जपती ग्राम पंचायत के मैभिया गांव का है। ग्रामीणों के मुताबिक, ग्राम पंचायत निधि से गांव में 150 मीटर सड़क बनाने की स्वीकृति मिली थी। आरोप है कि प्रधान की ओर से करीब 100 मीटर सड़क ही बनवाई गई और बाकी हिस्सा अधूरा छोड़ दिया गया। सड़क का काम पूरा नहीं होने के कारण बारिश और कीचड़ के दौरान रास्ते की हालत और खराब हो जाती है। इसका सबसे ज्यादा असर स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों पर पड़ रहा है।
कीचड़ में गिरने से गंदी हो जाती है ड्रेस
बच्चियों ने बताया कि रास्ता इतना खराब है कि उस पर पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। स्कूल जाते समय कई बार बच्चे कीचड़ में गिर जाते हैं, जिससे उनकी ड्रेस तक खराब हो जाती है। स्थानीय स्तर पर समस्या को दूर कराने की कोशिश की गई, लेकिन जब कोई समाधान नहीं निकला तो बच्चियों ने डीएम कार्यालय पहुंचने का फैसला किया। इससे पहले एक स्कूली बच्ची कीचड़ भरे रास्ते की वजह से स्कूल नहीं जा सकी थी। इसके बाद उसने सोशल मीडिया के जरिए डीएम कृतिका ज्योत्सना से सड़क बनवाने की अपील की थी। अगले दिन गांव की कई बच्चियां अपनी परेशानी लेकर डीएम कार्यालय पहुंच गईं।
डीएम से नहीं हो सकी मुलाकात
बच्चियों और अभिभावकों को डीएम से मिलने के लिए करीब दो घंटे इंतजार करना पड़ा। हालांकि, डीएम के मीटिंग में व्यस्त होने के कारण उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद एसडीएम शत्रुघ्न पाठक ने बच्चों से बातचीत की और उनकी समस्या सुनी। बच्चियों की मांग है कि अधूरी सड़क का निर्माण जल्द पूरा कराया जाए, ताकि उन्हें स्कूल आने-जाने में परेशानी न हो।
जांच के साथ सड़क पूरी कराने के निर्देश
एसडीएम शत्रुघ्न पाठक ने बताया कि बच्चों का पत्र ले लिया गया है। उन्होंने बीडीओ को मौके पर जाकर सड़क की स्थिति देखने और उसे जल्द ठीक कराने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम ने यह भी कहा कि यदि सड़क निर्माण में प्रधान की ओर से किसी तरह की गड़बड़ी या धांधली सामने आती है तो उसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अधूरे पड़े सड़क निर्माण का काम पूरा कराया जाएगा।