
बिजनौर: जिले के मंडावली क्षेत्र के मुस्सेपुर गांव में बदहाल रास्ते की समस्या एक बार फिर ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बन गई। गांव के चौकीदार जयपाल सिंह की बीमारी के चलते मौत हो गई। इसके बाद जब परिजन और ग्रामीण उनका शव अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट ले जा रहे थे, तो रास्ते में जगह-जगह पानी और कीचड़ जमा मिला। ग्रामीणों को इसी बदहाल रास्ते से होकर अंतिम यात्रा पूरी करनी पड़ी।
बारिश के कारण गांव से श्मशान घाट तक जाने वाला रास्ता कीचड़ से भर गया है। रास्ते में कई जगह पानी जमा होने के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। शव को कंधे पर लेकर चल रहे लोगों को भी काफी सावधानी बरतनी पड़ी। अंतिम यात्रा के दौरान रास्ते की बदहाली ने ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ा दीं। ग्रामीणों का कहना है कि अंतिम यात्रा के दौरान सामने आई यह परेशानी कोई नई बात नहीं है। उनके मुताबिक, पिछले कुछ समय में करीब चार से पांच शव यात्राएं इसी बदहाल रास्ते से होकर श्मशान घाट तक पहुंच चुकी हैं। बारिश के दौरान रास्ते की स्थिति और खराब हो जाती है, जिससे अंतिम यात्रा में शामिल लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
किसानों का आवागमन भी प्रभावित
मुस्सेपुर का यह रास्ता केवल श्मशान घाट जाने के लिए इस्तेमाल नहीं होता। आसपास के किसान भी अपने खेतों तक पहुंचने के लिए इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। बारिश के बाद रास्ते पर जलभराव और कीचड़ होने के कारण किसानों के लिए खेतों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों के मुताबिक, दोपहिया वाहन से इस रास्ते से निकलना भी कई बार जोखिम भरा हो जाता है। रास्ते की खराब स्थिति के कारण लोगों के रोजमर्रा के आवागमन पर भी असर पड़ रहा है। बारिश के दिनों में जलभराव और कीचड़ की वजह से समस्या और गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के लोगों को लंबे समय से इस रास्ते की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। श्मशान घाट जाने वाले रास्ते के साथ-साथ किसानों और अन्य ग्रामीणों के आवागमन के लिए भी यह मार्ग महत्वपूर्ण है। ऐसे में रास्ते की खराब स्थिति का असर गांव के लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही पर पड़ रहा है।
शिकायत के बाद भी समाधान का इंतजार
ग्रामीणों के मुताबिक, रास्ते की समस्या को लेकर ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव से कई बार शिकायत की जा चुकी है। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद जलभराव और खराब रास्ते की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक रास्ते की स्थिति में सुधार नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने मांग की है कि गांव से श्मशान घाट तक जाने वाले रास्ते को जल्द ठीक कराया जाए। इसके साथ ही जलभराव रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि रास्ता ठीक होने से न केवल अंतिम यात्राओं के दौरान होने वाली परेशानी दूर होगी, बल्कि किसानों और आम ग्रामीणों को भी रोजाना आवागमन में राहत मिलेगी।
मुस्सेपुर गांव में जयपाल सिंह की अंतिम यात्रा के दौरान सामने आई यह समस्या गांव में लंबे समय से चली आ रही बदहाल सड़क और जलभराव की स्थिति पर फिर सवाल खड़े करती है। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ते की समस्या का स्थायी समाधान होना जरूरी है। अब ग्रामीणों को संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई का इंतजार है।