
नोएडा: नोएडा और ग्रेटर नोएडा में अवैध परिवहन और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले बस संचालकों के खिलाफ परिवहन विभाग ने ऑपरेशन कवच के तहत अभियान चलाया। विभिन्न चौराहों, एक्सप्रेस-वे और महामाया क्षेत्र में चलाए गए इस अभियान का नेतृत्व एआरटीओ प्रवर्तन डॉ. उदित नारायण पांडेय ने किया। अभियान के दौरान परिवहन विभाग की प्रवर्तन दल की पांच टीमों ने बसों की जांच की। जांच में नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों के खिलाफ कार्रवाई की गई। मुख्य रूप से परमिट का उल्लंघन, बकाया टैक्स और सवारी गाड़ी में माल ढोने जैसी अनियमितताओं को लेकर बसों पर कार्रवाई की गई। परिवहन विभाग के अनुसार, अभियान के दौरान कुल 34 बसों के चालान किए गए, जबकि 21 बसों को सीज कर दिया गया। विभाग की इस कार्रवाई के बाद बस संचालकों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
कई बसों में मिली गंभीर अनियमितताएं
एआरटीओ प्रवर्तन डॉ. उदित नारायण पांडेय ने बताया कि शासन के निर्देश पर नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ऑपरेशन कवच चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य अवैध परिवहन को पूरी तरह रोकना है। इसके लिए तीन एआरटीओ और पांच पीटीओ के प्रवर्तन दल कार्रवाई कर रहे हैं। जांच अभियान के दौरान बसों में कई प्रकार की गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इनमें मुख्य रूप से परमिट की शर्तों का उल्लंघन, कर का बकाया और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी लापरवाही शामिल है। विभाग की टीमों ने नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की। परिवहन विभाग की ओर से साफ किया गया है कि अभियान का उद्देश्य नियमों का पालन सुनिश्चित करने के साथ अवैध परिवहन पर रोक लगाना है। विभाग बसों के संचालन से जुड़े दस्तावेजों और नियमों की जांच कर रहा है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।
आगे भी जारी रहेगा ऑपरेशन कवच
एआरटीओ प्रवर्तन डॉ. उदित नारायण पांडेय ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले वाहन स्वामियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले बस ऑपरेटरों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन कवच के तहत अभियान अभी जारी रहेगा। परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीमें नोएडा और ग्रेटर नोएडा के अलग-अलग क्षेत्रों में बसों की जांच करती रहेंगी और नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।