बेसिक शिक्षा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में सरकारी स्कूल की बदहाली, जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर बच्चे

उत्तर प्रदेश: अलीगढ़ के भमोरी खुर्द पूर्व माध्यमिक विद्यालय की जर्जर इमारत ने सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल भवन की हालत खराब होने के कारण यहां पढ़ने वाले बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल की स्थिति लंबे समय से खराब है, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बताया जा रहा है कि स्कूल भवन की हालत ऐसी है कि बच्चों को वहां पढ़ाने को लेकर अभिभावक चिंतित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल की इमारत की मरम्मत और व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराने की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। सबसे अहम बात यह है कि भमोरी खुर्द गांव बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह की विधानसभा क्षेत्र में आता है। इसके बावजूद ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी स्कूल की बदहाली पर अब तक गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया। ऐसे में स्कूल की मौजूदा स्थिति को लेकर शिक्षा विभाग की व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं।

अभिभावकों में बच्चों की सुरक्षा की चिंता

ग्रामीणों के मुताबिक, स्कूल की जर्जर इमारत को लेकर कई बार चिंता जताई गई है। उनका आरोप है कि लंबे समय से भवन की हालत खराब होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने समस्या को गंभीरता से नहीं लिया। ग्रामीण चाहते हैं कि स्कूल भवन की मरम्मत कराई जाए और बच्चों के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित किया जाए। सरकार की ओर से लगातार सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही जाती है। साथ ही अभिभावकों को अपने बच्चों को सरकारी विद्यालयों में पढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। लेकिन भमोरी खुर्द पूर्व माध्यमिक विद्यालय की जर्जर इमारत की तस्वीरें इन दावों पर सवाल खड़े करती नजर आ रही हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि जब सरकारी स्कूल की इमारत ही सुरक्षित नहीं होगी तो अभिभावक अपने बच्चों को वहां भेजने में किस तरह भरोसा करेंगे। स्कूल की बदहाल स्थिति बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनकी सुरक्षा को लेकर भी चिंता पैदा कर रही है। ग्रामीणों के अनुसार, सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने के लिए केवल शिक्षा और पढ़ाई पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि स्कूल भवन और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त रखना जरूरी है। उनका कहना है कि जर्जर भवन की जल्द मरम्मत कराकर बच्चों और शिक्षकों के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए। इस मामले में ग्रामीणों ने स्कूल की जर्जर इमारत की मरम्मत कराने और विद्यालय की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की मांग की है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग और अधिकारी इस समस्या को लेकर क्या कदम उठाते हैं।

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