
एशियन गेम्स: भारतीय पहलवान अमन सहरावत ने एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों के 57 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। 23 वर्षीय अमन ने फाइनल मुकाबले में नॉर्थ कोरिया के वर्ल्ड चैंपियन चोंग सोंग हान को 11-7 से हराया। पूरे मुकाबले के दौरान अमन ने नियंत्रण बनाए रखा और अपने प्रतिद्वंद्वी की कोशिशों का प्रभावी तरीके से जवाब दिया। अमन के लिए यह जीत इसलिए भी खास रही, क्योंकि 2023 हांगझोऊ एशियन गेम्स में उन्होंने इसी वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इस बार उन्होंने अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए मेडल का रंग बदलकर गोल्ड कर दिया।
सेमीफाइनल में भी दर्ज की शानदार जीत
फाइनल से पहले अमन सहरावत ने सेमीफाइनल में ताजिकिस्तान के ऐयाल बेलोल्यूब्स्की को 14-8 से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई थी। इससे पहले 2023 एशियन गेम्स में उनके खाते में ब्रॉन्ज मेडल था। शुक्रवार को भारत के सुजीत कलकल ने भी 65 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल जीता था। अमन सहरावत की सफलता के पीछे लंबे संघर्ष और कड़ी मेहनत की कहानी है। उन्होंने महज 10 साल की उम्र में अपनी मां को खो दिया था और इसके अगले साल उनके पिता का भी निधन हो गया। इसके बाद उनके चाचाओं ने उनका साथ दिया। हरियाणा के बिरोहर के मिट्टी वाले अखाड़े से कुश्ती की शुरुआत करने वाले अमन बाद में दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम पहुंचे। छत्रसाल स्टेडियम में कोच ललित कुमार ने उनकी प्रतिभा को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अमन की कुश्ती की पहचान उनकी तेज और आक्रामक शैली के साथ लगातार मूवमेंट से बनी। कम उम्र में ही उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी थी। अमन ने 2018-19 अंडर-17 वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इसके बाद 2019 अंडर-17 एशियन चैंपियनशिप में उन्होंने गोल्ड अपने नाम किया। 2022 में अंडर-23 वर्ल्ड चैंपियनशिप और एशियन चैंपियनशिप में भी उन्होंने गोल्ड मेडल हासिल किया। 2024 में अमन ने ओलंपिक क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट के जरिए पेरिस ओलंपिक का कोटा हासिल किया। पेरिस ओलंपिक में उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत के सबसे कम उम्र के व्यक्तिगत ओलंपिक मेडलिस्ट बनने की उपलब्धि हासिल की।
हार के बाद शानदार वापसी
अमन के करियर में मुश्किल दौर भी आया। चोट के कारण वह एशियन चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं ले सके। इसके बाद मंगोलिया में उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीता और जून 2025 में तुर्की में गोल्ड मेडल हासिल किया। 2025 वर्ल्ड चैंपियनशिप में पेट की बीमारी के कारण वह वजन नहीं कर सके और प्रतियोगिता से डिस्क्वालिफाई हो गए।
अब एशियन गेम्स के फाइनल में वर्ल्ड चैंपियन चोंग सोंग हान को 11-7 से हराकर अमन ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। उनके खाते में अब ओलंपिक ब्रॉन्ज के साथ एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल भी शामिल हो गया है। अमन सहरावत की प्रमुख उपलब्धियां: 2024 ओलंपिक ब्रॉन्ज, 2026 सीनियर एशियन चैंपियनशिप सिल्वर, 2023 एशियन गेम्स ब्रॉन्ज, 2023 सीनियर एशियन चैंपियनशिप गोल्ड, 2022 अंडर-23 वर्ल्ड और एशियन चैंपियनशिप गोल्ड, 2022 अंडर-20 एशियन चैंपियनशिप ब्रॉन्ज, 2018-19 अंडर-17 वर्ल्ड चैंपियनशिप ब्रॉन्ज और 2019 अंडर-17 एशियन चैंपियनशिप गोल्ड।