Asian Games 2026: चीन से सेमीफाइनल में हारी भारत की पुरुष बैडमिंटन टीम, ब्रॉन्ज से करना पड़ा संतोष

एशियन गेम्स: एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम का गोल्ड मेडल जीतने का सपना सेमीफाइनल में टूट गया। बुधवार को चीन के खिलाफ खेले गए मुकाबले में भारत को 1-3 से हार का सामना करना पड़ा। इस नतीजे के साथ भारतीय टीम फाइनल की दौड़ से बाहर हो गई, लेकिन टीम ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर लिया। भारतीय पुरुष टीम के लिए यह उपलब्धि खास रही, क्योंकि एशियन गेम्स के इतिहास में पहली बार भारत ने बैडमिंटन के पुरुष टीम इवेंट में मेडल जीता है। क्वार्टर फाइनल में भारत ने मेजबान जापान को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। इसी के साथ टीम ने अपना पहला एशियन गेम्स टीम इवेंट मेडल भी पक्का कर लिया था। सेमीफाइनल में भारत के सामने मौजूदा चैंपियन चीन की चुनौती थी। चीन के पास मजबूत सिंगल्स खिलाड़ियों के साथ बेहतरीन डबल्स कॉम्बिनेशन था। भारत ने मुकाबले में वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन लगातार दो मैच गंवाने के बाद फाइनल में पहुंचने का मौका हाथ से निकल गया।

सात्विक-चिराग ने कराई वापसी, लेकिन चीन ने जीता निर्णायक मुकाबला

सेमीफाइनल के पहले मैच में भारत की ओर से लक्ष्य सेन कोर्ट पर उतरे। उनके सामने पूर्व वर्ल्ड चैंपियन शी युकी थे। लक्ष्य ने मुकाबले में कड़ी चुनौती पेश की, लेकिन वह अहम मौकों को अपने पक्ष में नहीं कर सके। शी युकी ने 21-16, 21-18 से मुकाबला जीतकर चीन को शुरुआती बढ़त दिला दी। इसके बाद पुरुष डबल्स में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने भारत को मुकाबले में वापस ला दिया। मौजूदा एशियन गेम्स पुरुष डबल्स चैंपियन भारतीय जोड़ी ने लियांग वेइकेन्ग और वांग चांग के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया। सात्विक और चिराग ने 21-11, 22-20 से जीत दर्ज कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। तीसरे मैच में भारत के आयुष शेट्टी के सामने मौजूदा एशियन गेम्स पुरुष सिंगल्स चैंपियन ली शिफेंग थे। आयुष ने पहले गेम में चीन के खिलाड़ी को कड़ी टक्कर दी, लेकिन ली शिफेंग ने 21-19, 21-13 से जीत हासिल कर चीन को फिर बढ़त दिला दी।

इसके बाद एम.आर. अर्जुन और हरिहरन अमसाकरुणन की जोड़ी निर्णायक मुकाबले में उतरी। उनका सामना हे जी टिंग और लियू यी से हुआ। भारतीय जोड़ी ने पहला गेम गंवाने के बाद शानदार वापसी की और दूसरा गेम जीतकर मुकाबला बराबरी पर ला दिया। हालांकि निर्णायक गेम में चीनी जोड़ी ने नियंत्रण वापस हासिल कर लिया और 21-16, 17-21, 21-9 से मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ चीन ने 3-1 से सेमीफाइनल अपने नाम किया और भारत के फाइनल में पहुंचने की उम्मीदें समाप्त हो गईं। भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम को अब ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा। एशियन गेम्स में बैडमिंटन में भारत का पिछला मेडल 2023 में आया था। उस दौरान सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने पुरुष डबल्स में गोल्ड मेडल जीता था। इस बार पुरुष टीम इवेंट में ब्रॉन्ज के साथ भारतीय टीम ने एशियन गेम्स के इतिहास में एक नई उपलब्धि दर्ज की।

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