CP को Vehicle-Free करने पर बवाल! व्यापारियों ने NDMC के सामने रखीं 3 बड़ी मांगें

नई दिल्ली: नई दिल्ली के कनॉट प्लेस के इनर सर्कल को Vehicle-Free करने के प्रस्ताव को लेकर व्यापारियों में नाराजगी बढ़ गई है। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) के चेयरमैन मनोज द्विवेदी ने हाल ही में सोशल मीडिया के जरिए कनॉट प्लेस को मॉल रोड की तर्ज पर गाड़ी-मुक्त करने को लेकर लोगों से राय मांगी थी। इसके बाद चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) और नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने प्रस्ताव का विरोध किया है। CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने NDMC चेयरमैन को पत्र भेजकर कहा कि कनॉट प्लेस जैसे बड़े व्यावसायिक केंद्र में किसी भी तरह का बदलाव व्यापारियों से चर्चा के बाद ही किया जाना चाहिए। संगठन ने बिना बातचीत के किसी भी तरह के ट्रायल का भी विरोध किया है। व्यापारियों का कहना है कि ऐसे फैसले में कारोबार के साथ-साथ ग्राहकों की सुविधा का भी ध्यान रखना जरूरी है।

व्यापारियों की 3 मांगें

CTI ने कनॉट प्लेस में सबसे पहले अतिक्रमण, अवैध रेहड़ी-पटरी और अवैध पार्किंग हटाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि पैदल चलने वालों के लिए बनाए गए कॉरिडोर को अतिक्रमण मुक्त किया जाना चाहिए। व्यापारियों के मुताबिक मौजूदा समस्याओं को दूर किए बिना Vehicle-Free योजना लागू करना उचित समाधान नहीं होगा। व्यापारियों की दूसरी चिंता ग्राहकों की आसान पहुंच को लेकर है। उनका कहना है कि कनॉट प्लेस में पहले से पार्किंग की समस्या है। अगर इनर सर्कल में वाहनों की आवाजाही रोक दी गई तो ग्राहकों को दूर पार्किंग करनी पड़ सकती है। इससे बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांगों को परेशानी हो सकती है। CTI ने दावा किया है कि इसका कारोबार पर गंभीर असर पड़ सकता है और व्यापार में 50 फीसदी तक गिरावट की आशंका है। व्यापारियों की तीसरी मांग है कि किसी भी योजना को लागू करने से पहले उनसे बातचीत की जाए और उनकी सहमति व सुझावों को ध्यान में रखा जाए। उनका कहना है कि बिना चर्चा के ट्रायल या स्थायी बदलाव से कारोबार प्रभावित हो सकता है।

जाम को लेकर भी सवाल

बृजेश गोयल का कहना है कि इनर सर्कल का ट्रैफिक बंद करने से जाम खत्म होने के बजाय आउटर सर्कल और आसपास की रेडियल व फीडर सड़कों पर दबाव बढ़ सकता है। उन्होंने बताया कि कनॉट प्लेस में पहले से करीब 35 फीट का पैदल क्षेत्र है, जिसमें 15 फीट कवर्ड और 20 फीट नॉन-कवर्ड हिस्सा शामिल है। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी सहमति के बिना Vehicle-Free योजना लागू की गई तो वे सड़क पर उतरकर विरोध करेंगे।

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