
नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र महासभा के अधिवेशन में जम्मू-कश्मीर को लेकर पाकिस्तान की टिप्पणी पर भारत ने कड़ा जवाब दिया है। भारत ने केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख पर पाकिस्तान के दावे को खारिज करते हुए कहा कि दोनों भारत के अविभाज्य और अविच्छेद्य हिस्से हैं। भारत की ओर से पाकिस्तान की सरकार और वहां की राजनीतिक व्यवस्था को लेकर भी तीखी टिप्पणी की गई। पाकिस्तान के बयान के जवाब में संयुक्त राष्ट्र में भारत की प्रथम सचिव भाविका मंगलानंदन ने कहा कि पाकिस्तान की तथाकथित लोकतांत्रिक सरकार सेना की मर्जी और समर्थन पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी सरकार को भारत के बारे में टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।
भारत ने कहा कि पाकिस्तान की सरकार अपने घरेलू हालात से जूझ रही है और मुश्किल परिस्थितियों के बीच अपना कार्यकाल पूरा कर रही है। भारतीय पक्ष ने आरोप लगाया कि अपनी आंतरिक समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए पाकिस्तान की सरकार और सेना लंबे समय से भारत के खिलाफ दुष्प्रचार करती रही हैं।
आतंकवाद और पीओके का मुद्दा भी उठा
भाविका मंगलानंदन ने पाकिस्तान पर सीमापार आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि दशकों से भारत को अस्थिर करने के प्रयास किए जाते रहे हैं। उन्होंने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर के हिस्से का जिक्र करते हुए वहां के लोगों की स्थिति पर भी सवाल उठाए। भारत की ओर से कहा गया कि पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र में लोगों को कथित तौर पर उत्पीड़न और अभावों का सामना करना पड़ रहा है। रावलकोट समेत अन्य स्थानों पर हुई घटनाओं का उल्लेख करते हुए भारतीय पक्ष ने पाकिस्तानी सेना पर लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के आरोप लगाए। भारत ने दावा किया कि जायज मांगों को दबाने के लिए लोगों की हत्या और उन्हें गायब किए जाने जैसी घटनाएं सामने आई हैं।
भारत ने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान का भी जिक्र किया। भारतीय प्रथम सचिव ने कहा कि इमरान खान जेल में हैं और उनके स्वास्थ्य को लेकर भी स्थिति गंभीर बताई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इमरान खान और उनकी पार्टी को चुनाव में भाग लेने का अधिकार नहीं दिया गया तथा सेना के दबाव के चलते सरकार उनकी ओर ध्यान नहीं दे रही है। भारत ने कहा कि पाकिस्तान की आंतरिक राजनीतिक परिस्थितियों का असर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की स्थिति पर नहीं पड़ेगा। भारतीय पक्ष ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न हिस्से हैं और पाकिस्तान की ओर से दिए जाने वाले बयानों से इस स्थिति में कोई बदलाव नहीं आएगा। भारत ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान की वास्तविक स्थिति से परिचित है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में हुई इस टिप्पणी के दौरान भारत ने पाकिस्तान के जम्मू-कश्मीर संबंधी दावे को स्पष्ट रूप से खारिज करते हुए आतंकवाद और पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र में मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों को भी उठाया।