LPU में रेप की खबर से भड़के छात्र, NH-44 पर लगाया जाम, कैंपस में तोड़फोड़ से मचा हड़कंप

पंजाब: पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में छात्रा से कथित दुष्कर्म की खबर सामने आने के बाद देर रात छात्रों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। यह मामला 26 और 27 सितंबर की दरमियानी रात का बताया जा रहा है। आक्रोशित छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में तोड़फोड़ की और फगवाड़ा-जालंधर के बीच नेशनल हाईवे-44 को जाम कर दिया। इसके चलते कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय के हॉस्टल में रहने वाली एक छात्रा के साथ कैंपस में काम करने वाले एक प्लंबर ने दुष्कर्म किया। छात्रों के मुताबिक, कथित घटना करीब तीन दिन पहले हुई थी और छात्रा इसके बाद अपने घर चली गई। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। मामला बढ़ने के बाद पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ दुष्कर्म की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने पूरे मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम यानी एसआईटी का गठन भी किया है। अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में छात्र सड़क पर उतर आए। उन्होंने NH-44 पर आवाजाही रोक दी, जिससे फगवाड़ा और जालंधर के बीच यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। पुलिस और प्रशासन की ओर से छात्रों को समझाने की कोशिश की गई, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे।

छात्रों ने चांसलर से मौके पर आने की मांग की

सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को विश्वविद्यालय परिसर में तोड़फोड़ करते हुए देखा गया। वीडियो में कुछ प्रदर्शनकारियों के चेहरे कपड़े से ढके नजर आए। परिसर में खिड़कियों के शीशे और गमलों को नुकसान पहुंचाने के साथ कुछ सामान में आग लगाए जाने के दृश्य भी सामने आए हैं। पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने और विश्वविद्यालय के कुलपति जसपाल सिंह संधू की ओर से आश्वासन दिए जाने के बावजूद प्रदर्शनकारी शांत नहीं हुए। छात्रों की मांग थी कि विश्वविद्यालय के संस्थापक और चांसलर तथा राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल खुद प्रदर्शन स्थल पर पहुंचें और मामले में कार्रवाई का व्यक्तिगत रूप से आश्वासन दें। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उन्हें रात करीब 1:45 बजे विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों के जमा होने और सड़क जाम किए जाने की सूचना मिली थी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो उसे पता चला कि छात्रों का जमावड़ा कथित घटना को लेकर सामने आई खबरों और शिकायतों के बाद हुआ था। अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत की और उनकी शिकायतों को सुलझाने की कोशिश की। जालंधर रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक नवीन सिंगला ने बताया कि छात्रों की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है। छात्रों ने पुलिस को बताया था कि विश्वविद्यालय के हॉस्टल में रहने वाली एक छात्रा के साथ तीन दिन पहले प्लंबर द्वारा कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया। पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की है।

दूसरी ओर, विश्वविद्यालय प्रशासन ने दुष्कर्म के आरोपों को खारिज किया है। विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार मोनिका गुलाटी ने कहा कि सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर चल रही बातें गलत और भ्रामक हैं। विश्वविद्यालय की ओर से इसे अफवाह बताते हुए कहा गया कि कुछ शरारती तत्वों की ओर से ऐसी बातें फैलाई गईं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने GH-3 हॉस्टल के कमरा नंबर 504 में रहने वाली तीन छात्राओं का एक वीडियो बयान भी जारी किया। इसमें छात्राओं ने दावा किया कि इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि वे पिछले करीब दो महीने से उस कमरे में रह रही हैं। कपूरथला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव तूरा ने बताया कि पुलिस को LPU परिसर में छात्रों के एकत्र होने और सड़क रोकने की जानकारी मिली थी। मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस ने छात्रों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि छात्रों की प्रशासन को लेकर कुछ शिकायतें थीं और उन्हें दूर करने के लिए बातचीत की जा रही है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए विश्वविद्यालय परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस की मौजूदगी के बीच छात्रों का प्रदर्शन जारी रहा और वे विश्वविद्यालय प्रशासन से मामले में स्पष्ट कार्रवाई तथा आश्वासन की मांग करते रहे। यह घटनाक्रम पंजाब के पटियाला स्थित चितकारा यूनिवर्सिटी में छात्रों के प्रदर्शन के एक दिन बाद सामने आया है। वहां भी छात्रों ने दो छात्राओं की आत्महत्या और उनके शवों को ठिकाने लगाए जाने के आरोप लगाए थे। हालांकि शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने इन आरोपों को निराधार बताया था। पुलिस के अनुसार, जांच में ऐसी किसी छात्रा के आत्महत्या करने की पुष्टि नहीं हुई और कथित तौर पर ऐसी कोई छात्राएं नहीं मिलीं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *