
उत्तर प्रदेश: लगातार हुई बारिश के बाद मिहुना गांव में नलकूप का कुआं अचानक धंस गया। कुएं के धंसने से उसके समीप बना मकान भी क्षतिग्रस्त हो गया और मकान में रखा सामान कुएं में समा गया। घटना में किसान को करीब ढाई लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। जिस समय यह घटना हुई, उस दौरान नलकूप में रहने वाले लोग बाहर थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया। मिहुना निवासी किसान बबलू यादव ने बताया कि उनके परिजनों ने वर्ष 1976 में खेत पर कुआं बनवाकर नलकूप लगाया था। बीते दिनों लगातार हुई बारिश के कारण कुआं पूरी तरह पानी से भर गया था। स्थिति यह थी कि कुएं से हाथ में बाल्टी लेकर भी पानी निकाला जा सकता था। बताया गया कि सोमवार देर शाम अचानक नलकूप का कुआं धंस गया। कुएं के पास बना मकान भी इसकी चपेट में आकर धंस गया। मकान के अंदर रखा सामान कुएं में जा गिरा। अचानक हुई इस घटना से आसपास के लोगों में भी हड़कंप मच गया।
मोटर और घरेलू सामान भी कुएं में समाया
किसान के अनुसार कुएं में दो नलकूपों की मोटर, पंखा, बर्तन, कूलर और खाद समेत अन्य सामान गिर गया। उन्होंने बताया कि घटना से करीब ढाई लाख रुपये का नुकसान हुआ है। कुआं धंसने और मकान के क्षतिग्रस्त होने से किसान के सामने आर्थिक नुकसान की स्थिति पैदा हो गई है।
बबलू यादव ने बताया कि नलकूप में चार से पांच लोग रहते हैं। हालांकि घटना के समय सभी लोग नलकूप से बाहर निकल आए थे। इसी वजह से कुआं धंसने की घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और किसान समेत अन्य लोग बाल-बाल बच गए। घटना की जानकारी गांव के लेखपाल को दी गई है। किसान ने प्रशासन से मौके पर हुए नुकसान का आकलन कराने की मांग की है, ताकि क्षति का सही अनुमान लगाया जा सके। लगातार बारिश के बाद कुआं धंसने की इस घटना ने किसान की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।